नूंह में बिगड़ सकते थे हालात!लोगों की सूझबूझ ने माहौल बिगड़ने से बचाया

The situation could have worsened in Nuh! People's wisdom saved the situation from worsening.
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नूंह: नूंह में गुरुवार रात कुआं पूजन कर लौट रही महिलाओं पर पथराव के बाद बढ़े तनाव को स्थानीय लोगों ने अपनी सूझबूझ से कम कर दिया। घटना के विरोध में शुक्रवार सुबह बाजार में हुई बैठक में सभी समाज के लोग और राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे। सभी ने एक सुर में घटना की कड़ी शब्दों में निंदा की और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। मौके पर पहुंचे पुलिस के अधिकारियों ने लोगों को सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर मामले को शांत करवाया। सभी की पहल से एक बार फिर भाईचारा कायम हुआ। नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद, भाजपा के अल्पसंख्यक मौर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जाकिर हुसैन, भाजपा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र पटेल ने मौके पर पहुंचकर शांति बनाए रखने की अपील की।

सभी से शांति बनाए रखने की अपील

गुरुवार रात करीब आठ बजे महिलाओं पर पथराव के बाद नूंह में एक बार दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया था, जो शुक्रवार सुबह आठ बजे तक रहा। इसी को लेकर एक समाज के लोग सुबह बाजार में एकत्रित हुए और बाजार को बंद रखने की आवाज उठाने लगी। इसकी सूचना पाकर नूंह से कांग्रेस के विधायक आफताब अहमद, भाजपा के अल्पसंख्यक मौर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जाकिर हुसैन, भाजपा के जिला अध्यक्ष नरेंद्र पटेल सहित सभी समाज के जिम्मेदार लोग पहुंच गए। सभी ने शांति बनाए रखने की बात कही। जिला प्रशासन, पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। इसके बाद सभी ने शांति बनाए रखते हुए हालात को सामान्य करने में अपना योगदान दिया।

एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया

दरअसल, गुरुवार रात कुआं पूजन करके कैलाश मंदिर से लौट रही महिलाओं पर पथराव की सूचना से लोगों गुस्सा था। स्थानीय लोग इस वारदात का रात से ही विरोध कर रहे हैं। उन्होंने रात में सड़क जाम करने की भी कोशिश की। लेकिन मौके पर पहुंचे एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने सभी को शांत कराया। साथ ही मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। ऐसे में शांति कायम रखने के लिए शुक्रवार सुबह सर्वजातीय पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें हिंसा की निंदा करते हुए लोगों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

व्यापारियों ने दुकानें खोली

गुरुवार रात हिंसा भड़कने के बाद एक बार फिर लोगों में 31 जुलाई जैसा डर बैठ गया। लिहाजा शहर के व्यापारी सुबह में दुकान खोलने को राजी नहीं थे। उनमें डर था कि बीते महीनों की तरह शरारती तत्व उन्हें निशाना न बनाए। हालांकि बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वासन दिया। इसके बाद सभी दुकान खोले।

31 जुलाई को भड़की थी हिंसा

गौरतलब है कि 31 जुलाई को नूंह में बड़े स्तर पर हिंसा भड़की थी। इस पूरे मामले की जांच चल रही है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मेवात की 36 बिरादरी के भाईचारे को किसी भी सूरत में बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। सामाजिक तत्वों की यह हरकत है। स्थानीय लोगों से शांति की अपील की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस गम्भीरता से मामले की जांच कर रही है।

जिलाधीश ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए

महिलओं पर पथराव के बाद शुक्रवार को हिंसा न भड़के। इसके लिए जिलाधीश ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किया। पुलिस की मौजूदगी में लोगों ने जुम्मे की नमाज अदा की। इस दौरान पूरे जिले में जगह-जगह अतरिक्त पुलिस की तैनाती की गई थी। सीमावर्ती क्षेत्रों में नाके लगाकर आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखी जा रही थी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जिले में माहौल शांतिपूर्ण है।

अफवाहों पर ध्यान न दें

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार एसपी नूंह ने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाह नहीं फैलाने की अपील की है। साथ ही कहा है कि भड़काऊ वीडियो-फोटो या ऑडियो पोस्ट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस साइबर टीम की मदद से सोशल मीडिया पर पैनी नजर रख रही है।