मुजफ्फरनगर के थानों में कई साल से जमे सिपाहियों को छोड़ना पडा थाना

जिले के थानों में पिछले कई साल से जमे सिपाहियों को आखिरकार थाना छोड़ना ही पड़ गया। ऐसे सिपाहियों की थानों से रवानगी कर दी गई। इनके तबादले विस चुुनाव आचार संहिता लगने से पहले हुए थे।

The soldiers who had been stationed for many years in the police stations of Muzaffarnagar had to be released
The soldiers who had been stationed for many years in the police stations of Muzaffarnagar had to be released
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मुजफ्फरनगर। जिले के थानों में पिछले कई साल से जमे सिपाहियों को आखिरकार थाना छोड़ना ही पड़ गया। ऐसे सिपाहियों की थानों से रवानगी कर दी गई। इनके तबादले विस चुुनाव आचार संहिता लगने से पहले हुए थे।

जिले के अधिकांश थानों में 24 से अधिक सिपाही पिछले कई सालों से तैनात थे। इन थानों में काफी समय हो जाने के कारण थाने व क्षेत्र के बारे में इन्हें काफी जानकारी हो गई थी। जबकि एक थाने में एक सिपाही तीन साल से ज्यादा समय नहीं रह सकता, मगर इन्हें पांच से छह साल तक हो गए थे।

फरवरी माह में चुनाव आचार संहिता लगने से पहले माना जा रहा था कि अब इन सिपाहियों को तीन साल का समय पूरा होने के कारण थाना छोड़ना पडे़गा, लेकिन अधिकारियों से अनुकंपा के आधार पर ये थाने में तैनात रहे थे। 15 अप्रैल को चुुनाव आचार संहिता समाप्त हो गई। एसएसपी अभिषेक यादव ने ऐसे सिपाहियों की रवानगी 24 घंटे में कर अपने कार्यालय में रिपोर्ट तलब की।

शुक्रवार को ऐसे 24 दर्जन से अधिक सिपाहियों की आनन फानन में रवानगी कर एसएसपी कार्यालय में उनका जीडी नंबर तक लिखाया गया। एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि नियमानुसार सिपाहियों के तबादला करने के बाद उनकी रवानगी कराई गई है। सभी को नियमों का पालन करना होगा।