बंद लिफाफे में दिल्ली से भेजे गए हैं ये 7 नाम! विधायक से चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ CM पद पर मुहर लगाएंगे 3 पर्यवेक्षक

These 7 names have been sent from Delhi in a closed envelope! After discussion with MLA, 3 observers will approve the post of Chhattisgarh CM
These 7 names have been sent from Delhi in a closed envelope! After discussion with MLA, 3 observers will approve the post of Chhattisgarh CM
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रायपुर: छत्तीसगढ़ को आज नया सीएम मिल सकता है। छत्तीसगढ़ में बीजेपी के विधायक दल की बैठक आयोजित होगी। बैठक में हिस्सा लेने के लिए कीन केंद्रीय पर्यवेक्षक रविवार को राजधानी रायपुर पहुंच गए हैं। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, अर्जुन मुंडा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम ने सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल भी मौजूद थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने पर्यवेक्षकों को एक बंद लिफाफा दिया है। इसमें संभावित मुख्यमंत्री का नाम है। सूत्रों ने बताया कि इस लिफाफे में सात नाम हैं। इस सातों नामों को लेकर पर्यवेक्षक विधायकों के साथ चर्चा करेंगे। सबसे पहले पार्टी के सीनियर विधायकों के साथ चर्चा होगी इसके बाद सभी विधायकों से एक राय लेकर फैसला लिया जाएगा।

कौन से हैं सात नाम
जानकारी के अनुसार, बीजेपी छत्तीसगढ़ में गुजरात मॉडल लागू कर सकती है। इसके तहत प्रदेश में नए सीएम के साथ डेप्युटी सीएम बनाए जाने की भी संभावना है। बंद लिफाफे में करीब 7 नेताओं के नाम हैं। पूर्व सीएम रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, विष्णुदेव साय, रेणुका सिंह, गोमती साय, रामविचार नेताम और ओपी चौधरी का नाम शामिल है। जानकारी के अनुसार, इन सात में से किसी एक को सीएम की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके साथ ही किसी एक नेता को डेप्युटी सीएम बनाया जा सकता है।

14 को हो सकता है शपथ ग्रहण
जानकारी के अनुसार, विधायक दल की बैठक में सीएम के नाम के ऐलान के बाद दो से तीन दिनों में मंत्रिमंडल में शामिल नेताओं के नाम तय कर लिए जाएंगे। इसके बाद राज्य में 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए प्रभारी ओम माथुर शनिवार को रायपुर पहुंचे थे।

क्या कहा था ओम माथुर ने
मीडिया से चर्चा करते हुए ओम माथुर ने कहा था कि पर्यवेक्षक के निर्णय का इंतजार है। जो निर्णय हमारे संसदीय बोर्ड ने लिया होगा वह इस निर्णय को लेकर आएंगे।