‘वे केजरीवाल को मारना चाहते हैं, उनकी जिंदगी अब आपके हाथ…’, रो पडी आतिशी

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नई दिल्ली : कथित शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत पर तिहाड़ जेल से बाहर आए अरविंद केजरीवाल को अगर राहत नहीं मिली तो 2 जून को सरेंडर करना होगा। उन्होंने कुछ जरूरी मेडिकल जांचों का हवाला देते हुए शीर्ष अदालत से अंतरिम जमानत को एक हफ्ते के लिए बढ़ाने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने उनकी मांग ठुकरा दी। अब उन्होंने निचली अदालत में अंतरिम जमानत के साथ-साथ नियमित जमानत के लिए भी याचिका दी है जिसका ईडी ने कड़ा विरोध किया है। इसे लेकर आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने बीजेपी पर ‘केजरीवाल की जान से खिलवाड़’ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बीजेपी और पीएम मोदी पर 3 सवाल दागते हुए देश की जनता से भावुक अपील की है कि अरविंद केजरीवाल की जिंदगी अब उनके हाथ में है। 1 जून को लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण की वोटिंग हैं और उसके अगले दिन 2 जून को केजरीवाल को सरेंडर करना होगा।

आतिशी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रवर्तन निदेशालय पर निशाना साधते हुए उसे ‘बीजेपी की ईडी’ करार दिया। आम आदमी पार्टी की नेता ने मेडिकल ग्राउंड पर अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत बढ़ाने की याचिका का ईडी की तरफ से विरोध को बीजेपी की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बीजेी वाले अरविंद केजरीवाल को मारना चाहते हैं। आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही मुख्य बातों को एक्स पर भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘अरविंद केजरीवाल ने मेडिकल जांच करवाने के लिए 7 दिन की अंतरिम जमानत मांगी। भाजपा की ED ने जबरदस्त विरोध किया। मैं भाजपा और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी से पूछना चाहती हूं: 1. आपने ED और तिहाड़ की कस्टडी में ऐसा क्या किया कि अरविंद केजरीवाल का 7kg वज़न घट गया और कीटोन लेवल बढ़ गया? 2. आप क्यों अरविंद केजरीवाल के किडनी, हार्ट और कैंसर के टेस्ट रोकना चाहते हैं? 3. आपने तो शरथ रेड्डी और राघव मगुंटा को पीठ के दर्द के लिए बेल दे दी, तो आप अरविंद केजरीवाल के कैंसर टेस्ट का क्यों विरोध कर रहे हैं? ऐसा लगता है कि भाजपा वाले अरविंद केजरीवाल को मारना चाहते हैं। मेरी देश के लोगों से अपील है कि अरविंद केजरीवाल की ज़िंदगी अब आपके हाथ में है…’

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में नियमित जमानत के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसके अलावा उन्होंने एक अन्य याचिका भी दाखिल की है जिसमें नियमित जमानत याचिका खारिज होने की स्थिति में मेडिकल ग्राउंड पर एक हफ्ते के लिए अंतरिम जमानत का अनुरोध किया है। कोर्ट ने दोनों ही याचिकाओं पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है। दूसरी तरफ, ईडी ने अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका की पात्रता पर ही सवाल उठाया है। उसने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि केजरीवाल की सेहत लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार करने में आड़े नहीं आई। दिल्ली के मुख्यमंत्री को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रचार के खातिर 21 दिनों की अंतरिम जमानत दे रखी है और उन्हें 2 जून को सरेंडर करना होगा। केजरीवाल ने अंतरिम जमानत को एक हफ्ते के लिए बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया था लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली।

ईडी ने गुरुवार को कोर्ट से कहा कि अरविंद केजरीवाल का आचरण उन्हें जमानत का अधिकारी नहीं बनाता। अडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि केजरीवाल की सेहत ने उन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार से नहीं रोका। कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी करते हुए शनिवार तक जवाब देने को कहा है। स्पेशल जज कावेरी बावेजा ने दिल्ली सीएम की अंतरिम जमानत याचिका पर भी ईडी का जवाब मांगा है।

अरविंद केजरीवाल अभी सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर हैं। शीर्ष अदालत ने 10 मई को उन्हें बड़ी राहत देते हुए 21 दिनों के लिए अंतरिम जमानत दी थी ताकि वह लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार कर सकें। कोर्ट ने उन्हें सातवें और आखिरी चरण की वोटिंग खत्म होने के अगले दिन 2 जून को सरेंडर करने का निर्देश दे रखा है।

अरविंद केजरीवाल ने हेल्थ ग्राउंड पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया है ताकि वह PET-CT स्कैन समेत तमाम मेडिकल टेस्ट करा सकें। उन्होंने इसके पीछे दलील दी है कि ‘अचानक उनका वजन गिरा है जिसका कारण स्पष्ट नहीं हैं और साथ में केटोन का लेवल बढ़ गया है।’ उनका कहना है कि ये स्थितियां किडनी और दिल की गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकती हैं। यहां तक कि ये कैंसर का भी संकेत हो सकती है। इसी वजह से तमाम मेडिकल जांच कराने जरूरी हैं।