बिहार में इस तरह भर गए आरती के जीवन में नए रंग, प्रेमी छोटू के घर वालों ने उठाया सराहनीय कदम

बिहार- मैं अपने प्रेमी छोटू की विधवा बनकर रहूंगी। उसी के घर पर रहूंगी। ऐसा कहते हुए लंबे समय से अपने दिवंगत प्रेमी छोटू के घर पर रह रही आरती की जिद पर छोटू के घर वालों ने सराहनीय कदम उठाया और आरती के जीवन में नए रंग भर दिए।

This is how new colors filled Aarti's life in Bihar, in front of stubbornness, the family members of Chhotu's lover took a commendable step
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भागलपुर: बिहार के अररिया जिले की आरती और छोटू की लव स्टोरी काफी दिनों तक चर्चा में रही। प्रेमी छोटू की हत्या आरती के आरोपों के मुताबिक, आरती के पिता समेत घर के अन्य सदस्यों ने बेरहमी से कर दी थी। प्रेमी के शव से लिपट-लिपटकर धरती आसमान एक करने की ठान चुकी आरती ने साफ कह दिया था कि अब वो छोटू की विधवा बनकर रहेगी। हत्यारों को सजा और मर चुके प्रेमी को न्याय दिलाने के लिए सांसद-विधायक और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के पास पहुंची आरती लंबे समय से छोटू के घर वालों के साथ ही रह रही थी। अब उसके जीवन में नए रंगों ने एंट्री ली है। ये सराहनीय कदम दिवंगत छोटू के घर वालों ने उठाया है।

काफी समझाने बुझाने के बाद अररिया की आरती भी इस बात पर राजी हुई और अब पूरी तरह छोटू के घर परिवार की हो गई है। शुक्रवार को आरती ने छोटू के भाई मनु के साथ विवाह कर लिया। राजी खुशी से हुए इस विवाह के पीछे के कई कारण थे। लोकलाज के चलते भी छोटू के स्वजनों ने बेटी मानते हुए आरती को इसके लिए राजी किया। अब दोनों की शादी की चर्चा चारों ओर हो रही है। आरती छोटू के भाई मनु को अपना जीवन साथी मान चुकी है।

आरती के जीवन में 6 जुलाई है काला दिन
रानीगंज थाना क्षेत्र के बढ़ोआ गांव में बीते छह जुलाई को प्रेम प्रसंग में भरगामा थाना क्षेत्र के रहरिया गांव निवासी उमेश यादव के पुत्र छोटू यादव को प्रेमिका आरती कुमारी के पिता, भाई, भाभी, जीजा सहित अन्य लोगों ने पीट पीट कर और बिजली करंट लगाकर हत्या कर दी थी। जिस कारण प्रेमिका आरती कुमारी ने अपने पिता, भाई, भाभी, जीजा सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराते हुए अपने मृत प्रेमी छोटू के घर में ही रहने लगी। छह जुलाई आरती के जीवन में जो काला रंग लेकर आया, अब उस अंधेरे से आरती को बाहर निकाला गया है। छोटू के स्वजन इस बाबत कहते हैं कि जीवन बहुत बड़ा है। हम आरती को अपनी बेटी मानते हैं। हमारा बेटा मनु आरती को हमेशा खुश रखेगा।

बेटे की निशानी है आरती- छोटू के पिता
मृतक छोटू के पिता उमेश यादव ने उसे अपने घर में रख कर सहारा दिया और अपने पुत्र के आखिरी निशानी के तौर पर उसकी देख रेख करने लगा। इसी बीच लोगों के बीच कई तरह के आरोप प्रत्यारोप लगने लगे की किस हैसियत से कुआड़ी लड़की को अपने घर में रख रहे हैं। जो लड़की अपने माता पिता का नहीं हुआ वो उमेश यादव का क्या होगा आदि कई तरह के सवाल खड़े करने लगे। तब जाकर उमेश यादव ने अपने समाज के लोगों से सहमति लेते हुए अपने छोटे पुत्र मनु कुमार से पूरे विधि विधान के साथ शुक्रवार की रात्रि घर के ही नजदीक अनंत भगवान के मंदिर में शादी करा दिया।

खबर उड़ी थी कि नहीं रही आरती
बताते चलें कि हत्या के बाद से प्रेमिका आरती का सेहत काफी खराब हो गई थी, इंटरनेट मीडिया पर फर्जी खबरें भी वायरल हुई कि प्रेम वियोग में तड़प-तड़पकर आरती ने प्राण गवां दिए। दैनिक जागरण ने इन खबरों को आइना दिखाया। बता दें कि प्रेमी की हत्या के बाद आरती काफी बीमार हो गई थी। उमेश यादव ने बिटिया की तरह आरती का इलाज कराया और फिर उसे अपने घर ले आए। उस दौरान प्रेमिका आरती ने भी प्रेमी के घर में ही आजीवन बिताने की बात कही थी। प्रेमी के माता पिता ने भी घटना के बाद से आरती का साथ दिया और आखिरकार अपने घर की बहू बनाकर सराहनीय कदम उठाया है।

जेल में हैं आरती के घर वाले
आरती के पिता और भाई को घटना के दिन ही रानीगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बाद में एक एक कर दोनों जीजा सहित अधिकांश आरोपित भी जेल की हवा खा रहे हैं। अब सिर्फ आरती का एक ही मकसद है कि सभी हत्या आरोपितों को न्यायालय से कड़ी से कड़ी सजा दिलवाना, जिससे उनके मृत प्रेमी के आत्मा को शांति मिले।