हिमाचल में मनरेगा फंड से रिचार्ज होंगे हजारों जल स्रोत

हिमाचल प्रदेश में मनरेगा फंड से ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों जल स्रोत रिचार्ज होंगे। राज्य का जल शक्ति विभाग के अधिकारी पंचायतों को तकनीकी मदद देंगे। वर्तमान में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-बड़ी बावड़ियों का जीर्णोद्धार भी किया जाना है। इन पानी के सोर्स से पंचायत क्षेत्रों में ग्रामीणों की पेयजल समस्या भी होगी। साथ ही पशुओं और सिंचाई में भी यह पानी जरूरत पड़ने पर उपयोग में लाया जाना है।

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शिमला : हिमाचल प्रदेश में मनरेगा फंड से ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों जल स्रोत रिचार्ज होंगे। राज्य का जल शक्ति विभाग के अधिकारी पंचायतों को तकनीकी मदद देंगे। वर्तमान में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-बड़ी बावड़ियों का जीर्णोद्धार भी किया जाना है। इन पानी के सोर्स से पंचायत क्षेत्रों में ग्रामीणों की पेयजल समस्या भी होगी। साथ ही पशुओं और सिंचाई में भी यह पानी जरूरत पड़ने पर उपयोग में लाया जाना है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल सोर्स की जिओ टैगिंग का काम शुरू कर दिया है। इससे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पानी के छोटे-बड़े प्राकृतिक सोर्स की सही संख्या का पता लगाया जा सकेगा। यह कार्य प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रत्येक जिले में कराया जा रहा है।

काम पूरा होते ही पंचायतों में पानी के सोर्स का जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बताते हैं कि गांवों में जल सोर्स के जीर्णोद्धार का काम करवाने के लिए पंचायतों के शेल्फ डाली जाएंगी। मनरेगा के तहत गांवों के लोगों को भागीदार बनाया जाएगा। केंद्र सरकार इस मद के लिए वित्तीय मदद करेगी। जल शक्ति विभाग के इंजीनियर इन चीफ संजीव कौल कहते हैं कि पंचायतों को उनका विभाग में सिर्फ तकनीकी मदद करेगा। अभी संबंधित विभाग पंचायतों के जल सोर्स की जिओ टैगिंग करा रहा है। इसके बाद यह काम शुरू होगा।