चोरी करने के लिए किया 780 किलोमीटर का सफर, पुलिस से मुठभेड़ में पकड़े दो बदमाश

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मुजफ्फरनगर: मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar Crime) नई मंडी कोतवाली पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल दोनों बदमाश वारदात करने के लिए 780 किलोमीटर दूर से आए थे। गिरोह में बाल अपचारी के अलावा महिलाएं भी शामिल हैं। ये लोग शादी समारोह में घुस जाते थे और मौका मिलते ही नोटों और जेवरों से भरा बैग उड़ा कर अगले शिकार के लिए कार से निकल जाते थे। बदमाश शादी के सीजन में परिवार और बच्चों सहित लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए निकलते हैं। इसी गिरोह ने गत दिनों मेरठ जिले के कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र में भी दो बैंक्वेट हाल से बैग चोरी की वारदात का इकबाल किया है।

नई मंडी कोतवाली प्रभारी बबलू सिंह ने बताया, 25 नवंबर की रात को कोतवाली क्षेत्र में स्थित प्लेटिनम रिसोर्ट से बदमाशों ने शादी समारोह के दौरान कन्यादान के नोटों से भरा बैग चोरी कर लिया था। उसमें 2 लाख 90 हजार रुपये थे। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर तीन बदमाशों की पहचान हुई थी।

बदमाश रात में फिर से शादी समारोह में वारदात करने के इरादे से आए थे। ये लोग चोरी की वारदात अंजाम देने के फिराक में थे। इनमें एक बदमाश सोनू पुत्र नाजम और दूसरा आर्यन्त पुत्र अनूप सिंह निवासीगण कड़िया थाना बोडा जिला राजगढ़ (मध्य प्रदेश) शामिल थे। जब ये चोरी की घटना को अंजाम देने जा रहे थे तो शहर कोतवाली पुलिस की इनसे मुठभेड़ हो गई।

दोनों बदमाश पुलिस की गोली पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि इनका एक साथी भाग गया। दोनों बदमाशों से पूछताछ के बाद नई मंडी कोतवाली प्रभारी बबलू सिंह ने बताया, यह गिरोह सिर्फ शादी समारोह में महिलाओं और बच्चों के साथ लग्जरी कार से निकलता है और रास्ते में पड़ने वाला जो बैंक्वेट हाल शादी समारोह होता मिलता है, उसमें मेहमान बनकर बच्चों के साथ शामिल हो जाता और वारदात करने के बाद अगले शिकार के लिए निकल जाता है।

कोतवाली प्रभारी के मुताबिक कड़िया और उसके पास एक अन्य गांव के छह सौ से अधिक लोग इस धंधे में लिप्त है। इसी गिरोह ने 25 नवंबर को मुजफ्फरनगर में वारदात करने के बाद मेरठ के कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर स्थित दो बैंक्वेट हाल में भी वारदात की थी। कंकरखेड़ा थाने की पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया, मुजफ्फरनगर से राजगढ़ जिले की दूरी करीब 780 किलोमीटर है। वारदात के बाद यह गिरोह वापस गांव चला जाता है, जिसके चलते पकड़ा नहीं जाता। उधर, पुलिस ने इलाज कराने के बाद दोनों बदमाशों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।