हरियाणा में पैसे के लेनदेन से परेशान शख्स ने की आत्महत्या, 8 पेज का लिखा सुसाइड नोट

कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान शख्स ने की आत्महत्या, लोगों से पैसे के लेनदेन के कारण प्रताड़ित होने की वजह से शख्स ने ये कदम उठाया था. नरेश खेती बाड़ी का काम भी करता था. जब वह खेत में गए तो उन्होंने देखा कि खेत के कोठे में उनके लड़के नरेश ने रस्सी से फंदा लगाकर फांसी ले रखी थी जिसको अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई.

Troubled by money transactions in Haryana, a man committed suicide, wrote an 8-page suicide note
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कैथलः किसी ने सोना दिलाने के नाम पर ठगा तो किसी ने क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर लूटा. इतना ही नहीं कई कंपनियों के रीजनल मैनेजर और सेल्समैन पेमेंट लेकर आगे कंपनी में जमा नहीं करवाई. रोज-रोज के तकाजे से परेशान होकर कैथल की मंडी में खाद, बीज दवाई की दुकान करने वाले हरसौला निवासी नरेश ने फांसी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी. पुलिस ने नरेश के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार पर 94 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है.

मृतक नरेश के पिता ने पुलिस में दर्ज करवाई शिकायत में बताया कि उसका छोटा लड़का नरेश कुमार खेती-बाड़ी के साथ-साथ अनाज मंडी कैथल में हरियाणा एग्रीकल्चर सेंटर के नाम से खाद, बीज व दवाई की दुकान चलाता था. वह कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान था. पूछने पर नरेश ने बताया कि कई लोग उसे पैसे के लेनदेन के कारण प्रताड़ित कर रहे हैं. नरेश खेती बाड़ी का काम भी करता था. जब वह खेत में गए तो उन्होंने देखा कि खेत के कोठे में उनके लड़के नरेश ने रस्सी से फंदा लगाकर फांसी ले रखी थी जिसको अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई.

उन्होंने घर आकर देखा कि नरेश की जेब में एक 8 पेज का सुसाइड नोट मिला है जिस पर हरियाणा एग्रीकल्चर सेंटर की मोहर लगी हुई थी. सुसाइड नोट में नरेश कुमार ने लिखा हुआ था कि जिन लोगों से उसने पैसे लेने थे वह लोग उसे पैसे नहीं दे रहे थे और जिनके उसने पैसे देने थे वे उसे प्रताड़ित कर रहे थे. नरेश ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मई-जून में संदीप ढुल्ल पाई वह विनोद शर्मा कुरुक्षेत्र ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगा लो 10 महीने में पैसा 3 गुना हो जाएगा.

उन्होंने आगे कहा कि उनके कहने पर उसने ग्यारह लाख 86 हजार लगा दिये और एक रुपया भी वापिस नहीं आया. ऐसे ही और काफी व्यक्तियों ने उसे पैसे दुगने करने की शर्त पर दिए परंतु किसी ने उसके पैसे वापस नहीं किया. उसका आर्थिक नुकसान होता गया. नरेश ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि जिन-जिन व्यक्तियों से उन्होंने पैसे ले रहे थे इनमें से किसी ने भी उनको पैसे नहीं दिए और जिनके उन्होंने पैसे देने थे वह होम को परेशान करते थे. इसीलिए नरेश ने अपने सुसाइड नोट में कुल 94 लोगों द्वारा उसको सुसाइड करने के लिए मजबूर करने के आरोप लगाकर खुद आत्महत्या कर गया और नरेश ने लिखा है कि उसने इन लोगों से परेशान होकर आत्महत्या की है इसलिए इन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.