मध्यप्रदेश में खसरे से दो बच्चों की मौत, कैसे होती है ये बीमारी, क्या है इलाज?

Two children died due to measles in Madhya Pradesh, how does this disease occur, what is the treatment?
Two children died due to measles in Madhya Pradesh, how does this disease occur, what is the treatment?
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मैहर: मध्यप्रदेश में अचानक दो दर्जन से ज्यादा खसरे के मामले सामने हैं. मध्यप्रदेश के मैहर जिले में स्कूल जाने वाले 17 बच्चे खसरे से संक्रमित पाए गए हैं और 2 बच्चों की मौत की खबर है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने खसरे के मामलों में तेजी को देखते हुए मध्यप्रदेश के आठ स्कूलों को बंद करने की सलाह दी ताकि ये संक्रमण ज्यादा बच्चों में न फैल पाए.

खसरे के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन अलर्ट

स्वास्थ्य विभाग ने चौकसी बरतते हुए आठ स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है ताकि ये बीमारी ज्यादा बच्चों में न फैल पाएं, साथ ही बीमारी को फैलने से रोकने और बच्चों को पर्याप्त इलाज मुहैया कराने के लिए मेडिकल टीम को मैहर भेजा गया है.

खसरे से दो बच्चों की हुई मौत

बीमारी की चपेट में आकर दम तोड़ने वाले दो बच्चों की पहचान सात साल और दूसरे की 17 साल के रूप में की गई है. मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) एलके तिवारी ने पीटीआई को बताया कि इन दोनों की मृत्यु 14 और 16 फरवरी को हुई और ये इन्हीं स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे थे जहां से बाकि केस रिपोर्ट किए जा रहे हैं.

इस बीमारी के बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट ?

वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण शाह ने बताते हैं कि खसरा बच्चों के लिए एक जानलेवा बीमारी है, क्योंकि इसकी संक्रामक दर काफी ज्यादा होती है. इससे पीड़ित एक बच्चा 15 से 18 बच्चों को संक्रमित कर सकता है. आमतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चे खसरा से संक्रमित होते हैं. ये बीमारी शरीर के रेस्पिरेटरी सिस्टम पर अटैक करती है. इसका वायरस नाक और मुंह के जरिए शरीर में जाता है और फिर फेफड़ों तक पहुंच जाता है.

डॉ. शाह आगे कहते हैं कि खसरे की शुरुआत में बुखार जैसे लक्षण आते हैं और फिर शरीर पर दाने निकलने लगते हैं. जिन बच्चों को निमोनिया होता है उन्हें इसकी वजह से काफी खांसी भी आती है और सांस लेने की समस्या भी हो सकती है. खांसी के जरिए खसरे का वायरस एक से दूसरे बच्चों में फैलता है. यही कारण है कि कम समय में ही ये बीमारी कई बच्चों को चपेट में ले लेती है. खसरे का कोई इलाज मौजूद नहीं है, लेकिन बच्चे को खसरे का टीका लगवाना इस बीमारी से सबसे अच्छा बचाव है.

खसरे के लक्षण

खसरे के लक्षण किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के लगभग आठ से बारह दिनों के भीतर विकसित होते हैं.

खसरे के कुछ सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं:

– तेज बुखार

– थकान

– खांसी

– आंखें लाल होना

– नाक बहना

कैसे करें खसरे से बचाव?

– खसरे से बचाव के लिए बच्चे को खसरे का टीका लगवाएं.

– संक्रमित व्यक्ति को अन्य लोगों से अलग रखें.

– मरीज की इस्तेमाल चीजों को दूसरे लोग इस्तेमाल न करें.

– खाने में दलिया, खिचड़ी जैसे तरल पदार्थ ही दें.

– बुखार के लिए एंटीबायोटिक्स दें.

– मरीज को पानी और जूस ज्यादा पीने को दें.