उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: पिता का श्राद्ध कर लौट रहा था परिवार, खाई में गिरी कार, 3 की मौत

हरिद्वार में पिता का श्राद्ध कर लौट रहा परिवार हादसे का शिकार हो गया। मां-बेटे के साथ ही चालक की भी मौके पर मौत हो गई। जबकि एक महिला घायल हुई।पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। हादसे की वजह तेज हवा और धुंध को बताया गया है।

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पाटी (चंपावत)। हरिद्वार से आ रही एक कार पाटी से एक किमी पहले गहरी खाई में गिर गई। दुर्घटना में मां-बेटे और चालक की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक पाटी के लखनपुर लड़ा क्षेत्र के निवासी थे, जबकि एक महिला बुरी तरह घायल हो गई। जख्मी महिला को परिजन प्राथमिक इलाज के बाद बरेली के एक निजी अस्पताल में ले गए हैं।कार में चालक के अलावा एक ही परिवार के तीन लोग सवार थे। यह परिवार हरिद्वार में पिता का श्राद्ध कर लौट रहा था। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। हादसे की वजह तेज हवा और धुंध को बताया गया है। दुर्घटना के बाद से परिवार में मातम पसर गया है। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि दुर्घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। पाटी थाने में दुर्घटना का मुकदमा दर्ज किया गया है।

एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि हरिद्वार से पाटी आ रही कार संख्या हल्द्वानी-देवीधुरा-लोहाघाट राज्यमार्ग पर बृहस्पतिवार रात 10:30 बजे पाटी से करीब एक किमी पहले 400 मीटर गहरी खाई में गिर गई। कार के परखचे उड़ गए। चालक सहित तीन यात्रियों की मौके पर मौत हो गई। इनमें चालक बसंत गहतोड़ी (52) पुत्र स्व. ईश्वरी दत्त गहतोड़ी, शिक्षा विभाग के लिपिक प्रदीप गहतोड़ी (48) पुत्र स्व. बलदेव गहतोड़ी और प्रदीप की मां देवकी गहतोड़ी (68) सभी लखनपुर लड़ा पाटी (वर्तमान में न्यू कॉलोनी, पाटी) के निवासी थे, जबकि शिक्षा विभाग कर्मी प्रदीप गहतोड़ी की पत्नी मंजू गहतोड़ी (45) हादसे में बुरी तरह जख्मी हो गईं।

खराब मौसम के चलते बचाव कार्य में आईं दिक्कतें
पाटी में कार हादसे की जानकारी मिलने के बाद सबसे पहले ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, पुलिस-प्रशासन, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग की टीम घटना स्थल पर पहुंची। अंधेरे और खराब मौसम के चलते बचाव कार्य में परेशानी हुई। घटना के करीब छह घंटे बाद 4:30 बजे रस्सियों के सहारे शवों को खाई से निकाला जा सका। घायल मंजू को पाटी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। डॉ. सौरभ सैनी ने प्राथमिक इलाज के बाद घायल को आपात चिकित्सा सेवा 108 की एंबुलेंस से चंपावत जिला अस्पताल रेफर किया। जहां डॉ. राजा प्रसाद ने भी मंजू को हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन मंजू को भोजीपुरा (बरेली) के निजी अस्पताल में ले गए। वहीं तीनों मृतकों का शुक्रवार शाम अंतिम संस्कार किया गया। बसंत गहतोड़ी को बेटे धीरज ने मुखाग्नि दी, जबकि देवकी गहतोड़ी और उनके बेटे प्रदीप गहतोड़ी की चिता को प्रदीप के इकलौते बेटे अंकुर ने मुखाग्नि दी। शोक में बाजार बंद रहे। व्यापार मंडल अध्यक्ष गोपेश पचौली ने कहा कि शिक्षा विभाग के ब्लॉक संसाधन केंद्र में कार्यरत प्रदीप गहतोड़ी बेहद व्यवहार कुशल और मृदुभाषी थे।

मृतकों की सूची
-चालक बसंत गहतोड़ी (52) पुत्र स्व. ईश्वरी दत्त गहतोड़ी।
– शिक्षा विभाग में लिपिक प्रदीप गहतोड़ी (48) पुत्र स्व. बलदेव गहतोड़ी।
-देवकी गहतोड़ी (68) पत्नी बलदेव गहतोड़ी।
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घायल महिला रेफर
-मंजू गहतोड़ी (45) पत्नी प्रदीप गहतोड़ी। भोजीपुरा अस्पताल में इलाज चल रहा है।