सुबह सुबह देश के लिये बेहद बुरी खबर, 25 लोगों की मौत, 8 हुए लापता

असम में बाढ़ की स्थिति शनिवार को खतरनाक स्तर पर पहुंच गई. बाढ़ ने चार बच्चों सहित आठ और लोगों की जान ले ली. बाढ़ से मरने वालों की संख्या 25 हो गई है. बता दें कि राज्य में इस साल बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की कुल संख्या 62 हो गई है.

Very bad news for the country in the morning, 25 people died, 8 went missing
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असम. असम में बाढ़ की स्थिति शनिवार को खतरनाक स्तर पर पहुंच गई. बाढ़ ने चार बच्चों सहित आठ और लोगों की जान ले ली. बाढ़ से मरने वालों की संख्या 25 हो गई है. बता दें कि राज्य में इस साल बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की कुल संख्या 62 हो गई है. दूसरी ओर, आठ अन्य लोग लापता हैं. चार लोग होजई जिले से जबकि अन्य चार बजली, कार्बी आंगलोंग पश्चिम, कोकराझार और तामूलपुर जिलों से लापता हैं.

उधर, राज्य के 32 जिलों में करीब 31 लाख लोग बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का बाढ़ का पानी 4,291 गांवों में घुस गया है और 66455.82 हेक्टेयर फसल भूमि जलमग्न हो गई है.

बारपेटा में जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि यहां के ग्रामीण यह कहकर अपना घर छोड़ने को तैयार नहीं थे कि उनके घरों में बहुत सारा कीमती सामान है, लेकिन हम किसी तरह उन्हें अपने घर खाली करने के लिए मनाने में कामयाब रहे और अब हम उन्हें राहत शिविरों में ले जाने की व्यवस्था कर रहे हैं.

अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से प्रभावितों के लिए खाना और अन्य जरूरी सामानों की व्यवस्था पहले से कर ली गई है. पास के भूटान में जल स्तर बढ़ रहा है इसलिए हमारा जिला भी प्रभावित हो रहा है और आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब हो सकती है.

जानकारी के मुताबिक, राज्य के 21 जिलों में बनाए गए 514 राहत शिविरों में 1.56 लाख से अधिक प्रभावितों ने शरण ली हुई है. प्रभावित जिलों में बजली, बक्सा, बारपेटा, विश्वनाथ, बोंगाईगांव, कछार, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, दीमा-हसाओ, गोलपारा, गोलाघाट, होजई, कामरूप, कामरूप (एम), कार्बी आंगलोंग पश्चिम, करीमगंज, कोकराझार, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, सोनितपुर, दक्षिण सलमारा, तामूलपुर, तिनसुकिया और उदलगुरी शामिल है.

नलबाड़ी में एक बाढ़ पीड़ित ने कहा कि हम पिछले 3-4 दिनों से बाढ़ के पानी में डूब रहे हैं और हमारे घर भी बह गए हैं. जिला प्रशासन की ओर से कोई हमारी मदद के लिए नहीं आया है. हमें कोई खाना नहीं दिया जाता है, मैं पिछले चार दिनों से भूखा हूं.

उधर, भारतीय सेना समेत अर्ध-सैन्य बलों, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, असम पुलिस की अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं ने 24×7 बचाव और राहत अभियान शुरू किया है. बाढ़ ने सैकड़ों घरों को बुरी तरह प्रभावित किया है और कई सड़कों, पुलों और नहरों को क्षतिग्रस्त करने के अलावा कई तटबंधों को तोड़ दिया है. ब्रह्मपुत्र, बेकी, मानस, पगलाडिया, पुथिमारी, कोपिली और जिया-भराली नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.