हम दोनों जुदा-जुदा; दिल्ली के बाद हरियाणा में भी कांग्रेस-AAP ने कर दिया ऐलान

We both are separate; After Delhi, Congress-AAP made an announcement in Haryana too
We both are separate; After Delhi, Congress-AAP made an announcement in Haryana too
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नई दिल्ली: दिल्ली और हरियाणा में साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद कांग्रेस और आप ने अब अलग-अलग राह पकड़ ली है। दोनों पार्टियों ने पहले दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ने का फैसला किया और अब हरियाणा में भी कांग्रेस इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में अकेले उतरने का मन बना रही है। उधर, आप के नेता संदीप पाठक ने भी कहा है कि हरियाणा में पार्टी का कांग्रेस के साथ गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था। विधानसभा का चुनाव पार्टी अकेले लड़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसका अंतिम फैसला पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल करेंगे।

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि राज्य स्तर पर कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के बीच कोई गठबंधन नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का वोट प्रतिशत 20 प्रतिशत के करीब बढ़ा है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि जनता ने राज्य में कांग्रेस सरकार लाने का मन बना लिया है। हुडा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि हमारा आम आदमी पार्टी के साथ राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन है, राज्य स्तर पर नहीं।

बता दें कि कांग्रेस और आप ने हरियाणा में 2024 का लोकसभा चुनाव गठबंधन बनाकर लड़ा था। दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे के समझौते के तहत कांग्रेस ने 9 सीटों पर और आम आदमी पार्टी ने कुरुक्षेत्र की एकमात्र सीट पर चुनाव लड़ा। कांग्रेस पिछले आम चुनाव में खाता भी नहीं खोल सकी थी, लेकिन इस बार वह 5 सीटें जीतने में कामयाब रही। आप के सुशील गुप्ता कुरूक्षेत्र लोकसभा सीट पर भाजपा के नवीन जिंदल से भारी वोटों के अंतर से हार गए।

सिर्फ भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही नहीं, बल्कि उनके नवनिर्वाचित सांसद बेटे ने भी राज्य में कांग्रेस के अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने की वकालत की है। रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी कहा है कि कांग्रेस हरियाणा में अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने में सक्षम है। हुड्डा ने कहा, ‘हमें हरियाणा को बचाना है और बदलाव लाना है।’

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में हरियाणा में कांग्रेस की जीत का प्रतिशत सबसे ज्यादा है। नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर टिप्पणी करते हुए दीपेंद्र ने कहा, ‘सैनी सरकार अल्पमत में है और उन्होंने शासन में बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है।’

उन्होंने आगे कहा कि राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को राज्य सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए। बता दें कि इस साल हरियाणा में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2024 को समाप्त होने वाला है।