कौन हैं मोहित पांडे, जिन्हें कड़े इम्तिहान के बाद चुना गया है अयोध्या राम मंदिर का पुजारी

Who is Mohit Pandey, who has been selected after rigorous examination as the priest of Ayodhya Ram temple?
Who is Mohit Pandey, who has been selected after rigorous examination as the priest of Ayodhya Ram temple?
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Who is Ayodhya Temple Priest Mohit Pandey: अयोध्या में बन रहा राम मंदिर दुनियाभर में करोड़ों सनातनधर्मियों के लिए बड़ा तीर्थस्थल है. करीब 500 साल के लंबे इंतजार के बाद अब राम मंदिर भव्य रूप लेने की ओर अग्रसर है. इस मंदिर का उद्घाटन 24 नवंबर, 2024 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा. इससे पहले 22 जनवरी 2024 को मंदिर का गर्भ गृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी. इस भव्य मंदिर में पूजा अर्चना के लिए कई राउंड के टेस्ट के बाद 20 पुजारियों को नियुक्त किया जा रहा है. यह नियुक्ति पाने वालों में एक लखनऊ के मोहित पांडे भी हैं.

देशभर से आए 3 हजार आवेदन

मोहित पांडे (Mohit Pandey) फिलहाल तिरुमाला तिरूपति देवस्थानम (TTD) की ओर से संचालित श्री वेंकटेश्वर वैदिक विश्वविद्यालय (SVVU) तिरूपति में एमए (आचार्य) का कोर्स कर रहे हैं. लखनऊ के मूल निवासी मोहित पांडे को अयोध्या श्री राम मंदिर में पुजारी बनने के लिए कठोर चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है. अयोध्या मंदिर में पुजारी बनने के लिए देशभर से 3 हजार आवेदन आए थे. जिनमें से शिक्षा और अनुभव के आधार पर 200 अभ्यर्थियों को शॉर्ट लिस्ट किया गया. इसके बाद उनका इंटरव्यू करके सूची को 50 टॉप उम्मीदवारों तक छोटा किया गया. इसके बाद उन उम्मीदवारों का इंटरव्यू करके उन्हें मंदिर में पुजारी पद का नियुक्ति पत्र दिया गया.

कर रहे 6 महीने की ट्रेनिंग

उम्मीदवारों का चयन करने का जिम्मा वृन्दावन के संत जयकांत मिश्रा और अयोध्या के दो महंत, सत्यनारायण दास और नंदिनी शरण को दिया गया था. अब चयनित किए गए सभी उम्मीदवार अपनी 6 महीने की अनिवार्य ट्रेनिंग पूरी कर रहे हैं. इस दौरान उनकी क्षमताओं को निखारने और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को सटीकता व निष्ठा से निभाने के लिए तैयार किया जाएगा. साथ ही इस दायित्व को पूरा करने के लिए उन्हें सभी जरूरी संसाधन भी उपलब्ध करवाए जाएंगे.

कितने पढ़े लिखे हैं मोहित पांडे

राम मंदिर में पुजारी पद की ट्रेनिंग ले रहे मोहित पांडे ने सामवेद में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वेंकटेश्वर वैदिक विश्वविद्यालय से पढ़ाई की. वहां से आचार्य की डिग्री हासिल करने के बाद अब वे पीएचडी की तैयारी कर रहे हैं. मोहित (Mohit Pandey) पिछले सात वर्षों से दूधेश्वर वेद विद्यापीठ के धर्म और अनुष्ठानों का अध्ययन कर रहे हैं. पिछले 23 वर्षों से, छात्र इस स्थान पर वैदिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.

हर महीने मिलेगी ये सैलरी

श्री राम मंदिर ट्रस्ट के मेंबर डॉ अनिल मिश्रा के मुताबिक आवेदकों की उम्र 20 से 30 साल होनी जरूरी है. नियुक्ति के बाद मंदिर के मुख्य पुजारी को 32 हजार 900 रुपये और सहायक पुजारियों को 31 हजार रुपये वेतन मिलेगा. इससे पहले यह वेतन क्रमश: 25 हजार रुपये और सहायक पुजारियों का 20 हजार रुपये था.