भारतीय MBBS करने क्यों जाते हैं किर्गिस्तान, जानें कितनी फीस, क्या बिना नीट होता है एडमिशन?

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MBBS Admission 2024 : एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए बड़ी संख्या में भारतीय छात्र रूस, यूक्रेन जैसे देशों में एमबीबीएस करने जाते हैं. इसमें किर्गिस्तान भी एक है. हाल में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा की वजह से किर्गिस्तान सुर्खियों में है. हालांकि यहां आमतौर पर छात्रों को अच्छा माहौल मिलता है.

किर्गिस्तान सस्ती और अच्छी मेडिकल की पढ़ाइ के लिए जाना जाता है. यही वजह है कि यह बड़ी संख्या में भारती छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करता है. यहां के मेडिकल कॉलेज वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से अप्रूव्ड हैं. इसके अलाव यहां पढ़ाई का मीडियम इंग्लिश है. साथ ही स्कॉलरशिप्स भी मिलती हैं.

क्या किर्गिस्तान से एमबीबीएस करने के लिए NEET UG है जरूरी?

किर्गिस्तान में एमबीबीएस कोर्स एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप के साथ छह साल का है. एमबीबीएस में एडमिशन के लिए नीट यूजी स्कोर जरूरी है. नीट यूजी का मिनिमम स्कोर 50 से 40 पर्सेंटाइल के बीच होना चाहिए. साथ ही 12वीं (PCB) कम से कम 50 फीसदी अंकों के साथ पास होना चाहिए.

किर्गिस्तान के टॉप मेडिकल कॉलेज और फीस

ओश स्टेट यूनिवर्सिटी- करीब साढ़े 4 लाख रुपये प्रति वर्ष
जलाल-अबाद स्टेट यूनिवर्सिटी- 5,40,000/- रुपये प्रति वर्ष
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मेडिसिन- 4,50,000/-रुपये प्रति वर्ष
किर्गिज रसियन साल्विक यूनिवर्सिटी- 4,64,000/-रुपये प्रति वर्ष
किर्गिज स्टेट मेडिकल एकेडमी- 4,80,000/- रुपये प्रति वर्ष
एशियन मेडिकल इंस्टीट्यूट-4,20,000/- रुपये प्रति वर्ष

किर्गिस्तान से MBBS क्यों करें?

कम फीस
रियल केस स्टडीज
क्वॉलिटी एजुकेशन
इंग्लिश मीडियम पढ़ाई
स्कॉलरशिप प्रोग्राम
कोई प्रवेश परीक्षा नहीं