बार- बार झुक क्यों रहे हैं सीएम नीतीश, ‘मोह-माया’ से दूर जाने की तैयारी तो नहीं?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों बदले-बदले नजर आ रहे हैं। जब से महागठबंधन के साथ गए हैं, उनके हाव भाव और व्यवहार में काफी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। नीतीश कुमार का मुस्कुराना, हाथ जोड़ना बहुत कुछ कहता है। खासकर दो दिन में तीन दफे दूसरों के आगे झुकना किसी और सियासत की ओर इशारा करता है।

Why is CM Nitish bowing down again and again, is there any preparation to go away from 'illusion'?
Why is CM Nitish bowing down again and again, is there any preparation to go away from 'illusion'?
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पटना: योगी आदित्यनाथ ( CM Yogi Adityanath ) दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने जा रहे थे। मंच पर बीजेपी के बड़े-बड़े नेता मौजूद थे। कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी थे। तभी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की एंट्री होती है। मंच पर मौजूद सभी नेताओं का अभिवादन करते हैं, नमस्कार-प्रणाम करते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) के पास पहुंचते हैं और झुककर अभिवादन करते हैं। हाथ जोड़े सीएम नीतीश का अभिवादन पीएम मोदी हाथ पकड़कर स्वीकार करते हैं। लगभग 9 महीने के बाद नीतीश कुमार एक बार फिर कुछ ऐसा ही करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दरअसल, दो दिनों के अंदर वे तीन दफे दूसरों के आगे झुकते नजर आए और फिर आगे बढ़ गए। ऐसे में सवाल उठ रहा कि बिहार के मुख्यमंत्री को क्या हो गया है। नीतीश कुमार आज कल बहुत अधिक खुश हैं या ज्यादा आध्यात्मिक हो गए हैं, या कोई और बात है? ये सवाल नीतीश कुमार के हाव भाव से ही उठ रहे हैं, जिसका जवाब सिर्फ और सिर्फ नीतीश कुमार ही दे सकते हैं। हाव भाव और व्यवहार को देख सियासी हलके में कई तरह के चर्चे हो रहे हैं। जरूरत से ज्यादा विनम्र दिख रहे नीतीश क्या ‘मोह-माया’ से दूर जाने की तैयारी कर रहे हैं?

जब ललन सिंह के आगे झुके और फिर आगे बढ़ गए नीतीश
दरअसल, रविवार को नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की राज्य पर्षद की बैठक थी। बैठक में शामिल होने के लिए नीतीश कुमार पार्टी ऑफिस पहुंचे थे। सीएम नीतीश का स्वागत करने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह समेत कुछ और नेता खड़े थे। नीतीश कुमार गाड़ी से उतरे और ललन सिंह की ओर बढ़े। जब तक ललन सिंह नीतीश कुमार को बुके देते, उससे पहले ही नीतीश कुमार हाथ जोड़कर उनके आगे झुक गए। इसके बाद ललन सिंह ने सीएम के हाथों को पकड़ा और बुके दिया। नीतीश कुमार के इस एक्शन को देख वहां मौजूद हर कोई हैरान था।

जब पत्रकारों के आगे हाथ जोड़े और झुकते नजर आए नीतीश
बिहार सरकार ने शनिवार को नशा मुक्ति दिवस मनाया था। कार्यक्रम में नीतीश कुमार भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम में शामिल होकर नीतीश कुमार जब बाहर निकले तो पत्रकारों ने उन्हें रोका और सवाल करने लगे। इसके बाद नीतीश कुमार मुस्कुराते हुए पत्रकारों के पास आए। और कहते हैं कि हमारी बातों को ठीक से लिखिएगा। फिर हाथ जोड़कर झुकने लगते हैं। उस वक्त भी नीतीश कुमार इस व्यवहार से सभी पत्रकार हैरान हो गए।

जब खुद से छोटे प्रेम सिंह के आगे झुकते दिखे नीतीश
खबरों की माने तो शनिवार की शाम सीएम नीतीश कुमार एक हाई प्रोफाइल परिवार के इंगेजमेंट कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में बिहार के गोल्डमैन के नाम से मशहूर प्रेम सिंह भी मौजूद थे। बताया जाता है कि प्रेम सिंह को देख नीतीश कुमार ने उन्हें अपने पास बुलाया। प्रेम सिंह, नीतीश कुमार का आशीर्वाद लेने के लिए पैर छूना चाहा। लेकिन नीतीश कुमार ने उनका हाथ पकड़ लिया और खुद अपने से छोटे प्रेम सिंह के आगे झुकते दिखे।

राजगीर में दो सरदारों के छुए थे पैर
कुछ दिन पहले राजगीर में गुरु नानक देव के 554वें प्रकाश उत्सव में नीतीश कुमार मंच पर दो सरदारों के पैर छुए थे। यही नहीं, पटना में भी प्रकाश पर्व के मौके पर नीतीश कुमार सिख डेलीगेट्स के पैर छुए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि अचानक से नीतीश कुमार में इतना बदलाव क्यों आ गया? नीतीश कुमार लगभग 40 वर्षों से मेन पॉलिटिक्स में हैं। कभी भी किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में पैर छूते हुए दिखाई नहीं दिए। सीएम नीतीश में अचानक आए परिवर्तन से सियासी हलके में चर्चा का विषय बना है।

बिहार में सत्ता परिवर्तन होने के कुछ दिनों के बाद ही आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा था कि देश नीतीश कुमार का इंतजार कर रहा है और बिहार तेजस्वी यादव का। जगदानंद सिंह ने कहा था कि 2022 बीतने के बाद 2023 में नीतीश देश की लड़ाई लड़ेंगे। वहीं बिहार के भविष्य की लड़ाई तेजस्वी यादव के हाथ सौंप देंगे। हालांकि उन्होंने कुछ भी खुलकर नहीं कहा था लेकिन इशारा कहा था, सभी को पता है। कहीं नीतीश कुमार का हाव भाव और व्यवहार उसी का संकेत तो नहीं है।