‘पहाड़ों की रानी’ में ऐसी प्रलय मंजर जान कलेजा फट जाएगा; 23 की मौत,‌ जिंदा बहे लोग, गांव के गांव तबाह…

Darjeeling landslides Updates: पश्चिम बंगाल का खूबसूरत दार्जीलिंग जिसे ‘पहाड़ों की रानी’ कहा जाता है. रविवार को प्रकृति के कहर का ऐसा शिकार बना 10 साल बाद भयंकर मूसलाधार बारिश से हुए भूस्खलन ने 23 जिंदगियां छीन लीं, कुछ गांव के गांव तबाह हो गए हैं. घर और इंसान जिंदा बह गए, सड़कें अवरुद्ध हो गईं और संचार नेटवर्क टूट गए हैं. दार्जिलिंग में तबाही के बीच दुर्गा पूजा की छुट्टियों में आए सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं. भूस्खलन के बाद बचाव अभियान जारी हैं. सबसे अधिक मिरिक, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में तबाही हुई है. सीएम ममता बनर्जी आज दौरा करेंगी, जबकि पीएम मोदी ने शोक जताया है. आइए, दार्जीलिंग भूस्खलन के 10 लेटेस्ट अपडेट्स में जानें इस त्रासदी की पूरी कहानी.

भूस्खलन का कहर, 23 की मौत, कई लापता: दार्जीलिंग में रविवार को भारी बारिश से हुए भूस्खलन में 23 लोग मारे गए, जिनमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मिरिक, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में भयंकर तबाही मची है. यह 2015 के बाद का सबसे भयानक हादसा है, कई लोग अभी भी मलबे में दबे हैं.

दार्जिलिंग, मिरिक सबसे ज़्यादा प्रभावित: राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय ज़िला प्रशासन के अनुसार, अकेले दार्जिलिंग ज़िले में 18 मौतें हुई हैं, जिनमें से 11 सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र मिरिक में और सात और जोरेबंगलो, सुकिया पोखरी और सदर पुलिस स्टेशन जैसे उप-विभागों में हुई हैं. नागराकाटा (जलपाईगुड़ी ज़िले) में एक अलग अभियान के तहत मलबे से पांच शव बरामद किए गए हैं.

‘पहाड़ों की रानी’ में मची तबाही: इससे पहले दिन में उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने स्थिति को चिंताजनक बताया. दार्जिलिंग क्षेत्र की देखरेख करने वाले गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन (जीटीए) ने कहा कि पूरे क्षेत्र में 35 स्थानों पर भूस्खलन की सूचना मिली है पीटीआई ने जीटीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनित थापा के हवाले से कहा, ‘पहाड़ों की रानी’ कहे जाने वाले इस सुरम्य क्षेत्र में 35 स्थानों पर भूस्खलन की सूचना मिली है”

2015 के बाद से सबसे भीषण भूस्खलन आपदा: अधिकारियों का कहना है कि यह 2015 के बाद से सबसे भीषण भूस्खलन आपदा हो सकती है, जब इस क्षेत्र में लगभग 40 लोग मारे गए थे. विनाश की इस लहर में पूरी ढलानें ढह गई हैं, मिरिक-सुखियापोखरी मार्ग जैसी प्रमुख सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, और राजमार्ग कीचड़ की मोटी परतों में दब गए हैं.

पर्यटक फंसे: कोलकाता, हावड़ा और हुगली से सैकड़ों पर्यटक जो दुर्गा पूजा की छुट्टियों के लिए मिरिक घूम और लेपचाजगत जैसे हिल स्टेशनों पर आए थे, शनिवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश के कारण घरों के अंदर ही फंस गए हैं.

सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित: एनडीआरएफ ने बताया कि दार्जिलिंग और उत्तरी सिक्किम में सड़क संपर्क बुरी तरह बाधित हो गया है, सिलीगुड़ी को मिरिक-दार्जिलिंग मार्ग से जोड़ने वाला एक लोहे का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे प्रमुख पहुंच मार्ग कट गए हैं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का दौरा: बढ़ते संकट के मद्देनजर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य सचिवालय नबन्ना में एक आपात बैठक की अध्यक्षता की और घोषणा की कि वह नुकसान का आकलन करने के लिए सोमवार 6 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उत्तर बंगाल का दौरा करेंगी. स्थिति गंभीर है. भूटान में लगातार बारिश के कारण पानी उत्तर बंगाल में भर गया है. यह आपदा दुर्भाग्यपूर्ण है. प्राकृतिक आपदाएं हमारे नियंत्रण से बाहर हैं. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा. उन्होंने कहा कि केवल 12 घंटों में 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे कम से कम सात जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ आ गई.

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर दुख व्यक्त किया और कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर कड़ी नज़र रख रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “दार्जिलिंग में एक पुल दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से गहरा दुख हुआ है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ. भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों की स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है.”

आईएमडी ने अभी भारी बारिश का लगाया पूर्वानुमान: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दार्जिलिंग और कलिम्पोंग सहित उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 6 अक्टूबर तक अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है. कूचबिहार और जलपाईगुड़ी के लिए रेड अलर्ट और दार्जिलिंग जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है. आईएमडी ने संतृप्त मिट्टी के कारण और अधिक भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध होने की भी चेतावनी दी है.

नेपाल में बारिश: हिमालय पर हुई बारिश का असर नेपाल में भी देखा गया, जो पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की सीमा से लगा हुआ है. नेपाल में भारी बारिश हुई है, जिसके कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई है.