मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के जानसठ कोतवाली क्षेत्र में एक किसान का अपहरण कर 10 लाख रुपये की फिरौती वसूलने का मामला सामने आया है। घटना के चार दिन बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने शुक्रवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मामले के शीघ्र खुलासे के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
जानसठ कोतवाली प्रभारी राजीव शर्मा ने बताया कि 3 अक्टूबर की शाम को तालड़ा गांव निवासी किसान अरुण कुमार अपने खेत परिसर में काम कर रहे थे। तभी बाइक सवार चार-पांच नकाबपोश बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने अरुण को लोहे की रॉड से पीटा, हाथ-पैर बांधे और एक सुनसान जगह पर ले गए।
लगभग आठ घंटे तक बंधक रखने के बाद उन्होंने अरुण के पुत्र मयंक को फोन कर 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी। भयभीत मयंक ने 10 लाख रुपये नकद बदमाशों को दिए, जिसके बाद अरुण को रिहा कर दिया गया। अरुण के चेहरे पर चोटें आई हैं और वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे इलाके का जायजा लिया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, आसपास के गवाहों के बयान और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग पर विशेष जोर दिया। एसएसपी ने कहा, ‘यह संगठित अपराध का मामला प्रतीत होता है। हम बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करेंगे। ग्रामीणों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।’ उन्होंने जानसठ पुलिस क्षेत्राधिकारी यतेंद्र नागर और कोतवाली प्रभारी राजीव शर्मा को 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए।
मामले के खुलासे के लिए एसएसपी ने विशेष अभियान समूह (एसओजी) की एक टीम सहित पांच अन्य पुलिस दलों का गठन किया है। ये टीमें आसपास के जिलों के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर तक जांच करेंगी। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि बदमाश स्थानीय हो सकते हैं और पूर्व में भी छोटे-मोटे अपराधों में शामिल रहे हैं। पुलिस ने अरुण के परिवार को सुरक्षा प्रदान की है और थाना क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।