जयपुर। उत्तर भारत में बर्फबारी और उत्तरी हवाओं के असर से राजस्थान में एक बार फिर सर्दी दस्तक देने लगी है। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में ही सर्द हवाओं ने मौसम का मिज़ाज बदल दिया है। प्रदेश के 20 से ज्यादा शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। सबसे ठंडी रात पाली जिले में दर्ज की गई, जहां पारा 15.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 48 घंटे में उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों — जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड — में हुई बर्फबारी का असर राजस्थान तक पहुंचा है। ठंडी उत्तरी हवाएं पूरे राज्य में बह रही हैं, जिससे दिन और रात दोनों में तापमान में गिरावट देखी जा रही है।
राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, अजमेर, चूरू, बीकानेर, श्रीगंगानगर, अलवर, सीकर, नागौर और उदयपुर में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जयपुर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 29.3 और न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से करीब 5 डिग्री कम है।
लोगों ने बताया कि रात में अब कूलर और पंखे बंद करने पड़े हैं। कई जगहों पर लोगों ने हल्की रजाई या कंबल निकाल लिए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि यह शुरुआती ठंड है, जो अभी कुछ दिनों तक इसी तरह महसूस होगी।
पाली जिले में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज हुई। गुरुवार रात यहां का न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, माउंट आबू — जो राज्य का सबसे ठंडा इलाका माना जाता है — में तापमान 13.5 डिग्री तक पहुंच गया।
जोधपुर और बीकानेर जैसे गर्म माने जाने वाले इलाकों में भी तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह गिरावट सामान्य से 4 से 5 डिग्री कम है, जो सर्दी की शुरुआत का संकेत है।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, फिलहाल अगले तीन से चार दिन तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। आसमान साफ रहेगा और दिन में हल्की धूप निकलेगी। हालांकि, सुबह और देर शाम के समय ठंडक और बढ़ेगी।
उत्तरी हवाओं का असर अगले कुछ दिनों तक रहेगा, जिससे रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है।
राजस्थान के उत्तरी जिलों — श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और बीकानेर — में न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री के बीच रह सकता है। जबकि जयपुर, अजमेर और जोधपुर जैसे इलाकों में 16 से 18 डिग्री तक पारा रहने की संभावना है।
मौसम में आई यह ठंडक खरीफ फसलों की कटाई और रबी की बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत लेकर आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिन में हल्की धूप और रात में ठंडक गेहूं, चना और सरसों की फसलों के लिए अनुकूल माहौल बनाती है।
हालांकि, कुछ इलाकों में सब्जी उत्पादकों को तापमान में अचानक आई गिरावट से नुकसान का डर है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे रात के समय खेतों में सिंचाई करने से बचें ताकि नमी से फसलों को नुकसान न पहुंचे।
राजधानी जयपुर और जोधपुर के बाजारों में सर्दी के कपड़ों की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। हल्की जैकेट, स्वेटर और मफलर की बिक्री में तेजी आई है। मौसम विभाग का कहना है कि अक्टूबर के मध्य तक इसी तरह की ठंडक बनी रहेगी और नवंबर के पहले हफ्ते से सर्दी पूरी तरह दस्तक दे देगी।
राजस्थान में अक्टूबर की यह ठंडी शुरुआत इस बात का संकेत है कि इस साल सर्दी सामान्य से कुछ पहले और ज्यादा असरदार रहने की संभावना है। फिलहाल राज्यभर में सर्द हवाओं का सिलसिला जारी है और लोगों ने मौसम के इस बदलाव का स्वागत किया है।