बरेली। बरेली मुठभेड़ में मारा गया इफ्तेकार मोबाइल फोन का बेहद कम इस्तेमाल करता था। उसके परिजनों के बारे में मोबाइल से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। जांच में पता लगा है कि बदमाश ईंट भट्ठों पर मजदूरी करने के बहाने एक से दूसरे शहर जाता था। वहां वह कम पढ़े-लिखे लड़कों की टीम तैयार करके अपराध की रणनीति बनाता था।
बरेली पुलिस के मुताबिक वर्ष 2020 में मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर धौलड़ी में संजीव कुमार गर्ग के घर इस गिरोह ने डकैती डाली थी। इस दौरान संजीव के पिता सत्येंद्र कुमार व मां सरिता गर्ग की हत्या कर तीन किलो चांदी, सोने के जेवर, 60 हजार रुपये लूट ले गए थे।
कच्छा बनियान पहनकर हरदोई में डाली डकैती
वर्ष 2011 में हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र में इस गैंग ने कच्छा-बनियान पहनकर एक घर पर धावा बोला था। लूटपाट के दौरान गृहस्वामी दीपनारायण की हत्या कर दी थी। दीपनारायण की पत्नी मालती देवी व पुत्र शुभम को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। डकैत उनके घर से 80 हजार रुपये, लाखों रुपये के सोने के जेवर, चांदी की सिल्ली लूट ले गए थे।
बहराइच में डकैती के दौरान की थी हत्या
वर्ष 2011 में बहराइच के केसरगंज थाना क्षेत्र के गांव बहगारपुर में विनोद कुमार सिंह चौहान के घर इस गिरोह ने डकैती डाली। उनके बेटे मनोज सिंह की पिटाई कर हत्या कर दी थी। उनके घर से नकदी सहित सोने-चांदी के जेवर व चांदी के सिक्के लूट लिए थे।
एसटीएफ पर भी की थी फायरिंग
वर्ष 2012 में बाराबंकी के थाना मसौली से इफ्तेकार पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। पचास हजार का इनाम घोषित होने पर एसटीएफ ने 2020 में गौतमबुद्ध नगर में उसकी गिरफ्तारी की थी। तब इसने एसटीएफ टीम पर भी फायरिंग की थी। इसका नया मुकदमा थाना सूरजपुर जनपद गौतम बुद्ध नगर में दर्ज किया गया था।
कारखाने से कपड़ा लूट ले गया था गिरोह
वर्ष 2020 में गौतम बुद्धनगर जिले के थाना फेस दो नोएडा क्षेत्र में ए-46 सेक्टर 62 के कारखाने में गिरोह ने डकैती डाली थी। यहां से 50 लाख से अधिक कीमत का 28,372 मीटर कपड़ा लूट लिया था।
कनपटी और सीने के पार हो गईं गोलियां
मृत बदमाश के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पता लगा कि पिस्टल की एक गोली बदमाश की कनपटी पर एक ओर लगकर दूसरी ओर से निकल गई थी। इससे उसके दिमाग की नसें फट गई थीं। दूसरी गोली सीने पर लगकर पार हो गई थी। फेफड़ा पंक्चर होने व ज्यादा खून बहने से उसकी मौत हो गई। शरीर पर चोट के कोई और निशान नहीं मिले।
घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी अनुराग आर्य सुबह ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मुआयना कर स्थानीय लोगों से पूछताछ की। एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों की सराहना की। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
शासन और आयोग को दी सूचना
एसएसपी ने घटना के बाद उच्चाधिकारियों के जरिये शासन को घटना की सूचना दी। मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी व सचिवालय को जानकारी दी गई। घटना से लेकर पोस्टमाॅर्टम तक की रिपोर्ट की सीडी तैयार करवाकर राज्य मानवाधिकार आयोग को भेजी गई है।
ईट भट्ठों पर मजदूरी कर बनाता था टीम
एसएसपी ने बताया कि इफ्तेकार मोबाइल फोन का बेहद कम इस्तेमाल करता था। उसके परिजनों के बारे में मोबाइल से कोई जानकारी नहीं मिल सकी। अब इस मोबाइल फोन को सील किया गया है। लैब में परीक्षण के बाद उसके डाटा से आगे की तफ्तीश होगी। जांच में पता लगा है कि बदमाश ईंट भट्ठों पर मजदूरी करने के बहाने एक से दूसरे शहर जाता था। वहां वह कम पढ़े-लिखे लड़कों की टीम तैयार करके अपराध की रणनीति बनाता था। अपराध के बाद वह दूसरे जिले में भाग जाता था। दूसरे प्रांतों में भी उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।