राजस्थान के इन जिलों में जारी की गई स्कूलों की छुट्टी, भारी बारिश का अलर्ट

School holiday declared in these districts of Rajasthan, heavy rain alert
School holiday declared in these districts of Rajasthan, heavy rain alert

जयपुर: भादों में मौसम में सावन की झड़ी लगातार जारी है। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इसी बीच मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होगी। लिहाजा कई स्थानों पर एहतियात बरतते हुए जिला प्रशासन ने छुट्टी का ऐलान कर दिया है।

झुंझुनूं में सोमवार को स्कूल बंद
तेज बारिश और अगले तीन दिनों तक जारी रहने वाली भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए झुंझुनूं जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 1 सितंबर को जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों (प्री-प्राइमरी से 12वीं तक) में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। हालांकि, शिक्षकों और स्टाफ को उपस्थित रहना होगा। आदेश जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत जारी किए हैं।

अलवर में भी अवकाश घोषित
इधर, अलवर जिले में मौसम विभाग द्वारा बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के बाद सोमवार को जिला कलेक्टर अलवर के द्वारा सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। जबकि 2 सितंबर को राजस्थान में रामदेवरा मेला का सार्वजनिक अवकाश है। अलवर जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बताया कि जिले में भारी बारिश के अलर्ट के चलते अवकाश घोषित किया है। जिले के कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में सोमवार को अवकाश रहेगा।

सीकर बना पानी का समंदर
सीकर और पाटन में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। महज दो घंटे में दो इंच से ज्यादा पानी बरसा और कई इलाकों में डेढ़ से दो फीट तक पानी भर गया। लोहारू बस स्टैंड, स्टेशन रोड और बजाज रोड पर दुकानों में पानी घुस गया। राधाकिशनपुरा रेलवे अंडरपास में करीब 7 फीट पानी भरने से लोगों की आवाजाही ठप हो गई। पाटन इलाके में रेला बंधा के पास एक बुजुर्ग बाइक समेत पानी के तेज बहाव में फंस गया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। रामगढ़ शेखावाटी में 104 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीकर शहर में महज कुछ घंटों में ही 60 मिमी से ज्यादा बारिश हो गई।

किसानों की बढ़ी चिंता, फसलें संकट में
लगातार हो रही तेज बारिश से तापमान तो गिरा और गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बाजरा और मूंग की फसल को नुकसान हो रहा है, जबकि ग्वार की फसल को अभी भी फायदा मिल सकता है।