दिवाली के बाद दिल्ली-NCR के कई इलाके की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है. रविवार सुबह से ही आसमान में धुंध और स्मॉग की मोटी परत छाई हुई है, जिससे शहर गैस चैंबर में तब्दील हो गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है.
दिल्ली की हवा सबसे प्रदूषित
2 नवंबर की सुबह 7 बजे तक दिल्ली का औसत AQI 377 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है. वहीं, शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर तक पहुंच गई. बता दें कि एम्स और आसपास के क्षेत्रों में AQI 421 पहुंच गई, वहीं वजीरपुर में AQI 432, तो चांदनी चौक में AQI 414, आनंद विहार में AQI 392 दर्ज किया गया, इन सभी इलाकों की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ या ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है. यह सांस संबंधी और हृदय रोगों के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है.
जानें NCR के शहरों की स्थिति
दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर के अन्य शहरों की स्थिति भी बेहतर नहीं है. नोएडा में AQI 292 (खराब श्रेणी), गाजियाबाद में AQI 298 (खराब श्रेणी), गुरुग्राम में AQI 276 (खराब श्रेणी) दर्ज किया गया है. इससे पहले शनिवार को स्विस एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग एजेंसी IQAir की रिपोर्ट में दिल्ली का AQI गंभीर श्रेणी में 491 दर्ज किया गया था. शाम 7 बजे से रात 10 बजे के बीच यह स्तर दुनिया के सभी प्रमुख शहरों में सबसे ज्यादा था.
स्मॉग से घट गई दृश्यता
प्रदूषण के कारण बने स्मॉग ने दृश्यता को भी काफी प्रभावित कर दिया है. शनिवार रात को दृश्यता में गिरावट देखने को मिली थी. सफदरजंग एयरपोर्ट पर दृश्यता घटकर 900 मीटर रह गई. IGI एयरपोर्ट पर दृश्यता 1300 मीटर तक सीमित रही. मौसम विभाग के अनुसार, हवा की दिशा दक्षिण-पश्चिमी रही और गति मात्र 4 किलोमीटर प्रति घंटे से कम दर्ज की गई. कई बार हवा बिल्कुल शांत हो जाने से प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं उठ सके, जिससे वायु गुणवत्ता में और गिरावट देखने को मिली.
सरकार ने बढ़ाई निगरानी
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तहत कई कदम उठाए हैं. निर्माण काम पर आंशिक रोक, सड़क की सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाने जैसे उपाय किए जा रहे हैं. हालांकि, हवा की कम रफ्तार और पराली जलाने की घटनाओं के चलते राहत फिलहाल नजर नहीं आ रही.