हिमाचल में स्कूल व अस्पताल सहित ये पांच परिसर होंगे आवारा कुत्तों से मुक्त, ये 6 निर्देश जारी

शिमला। सर्वोच्च न्यायालय के सात नवंबर को आवारा कुत्तों को लेकर दिए आदेश की अनुपालना के लिए हिमाचल सरकार सख्त हो गई है। सोमवार को मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने उपायुक्तों नगर निगमों, नगर परिषदों, पंचायतों और संबंधित विभागों को तत्काल सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

इसमें न्यायालय के आदेशों के तहत शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों को आवारा कुत्तों से मुक्त कराने के लिए कहा है। कहा गया कि कुत्तों के बढ़ते हमलों को नियंत्रित किया जाए।

न्यायालय के आदेश की कॉपी भी भेजी विभागों को
इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की कापी को भी संबंधित अधिकारियों और विभाग को भेजी जा रही है। दो सप्ताह में प्रदेश के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों की पहचान कर सूची तैयार करने और सीमाएं सुरक्षित करने को कहा है, जिससे आवारा कुत्तों का प्रवेश न हो सके।

प्रत्येक संस्था को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है, जो परिसर की स्वच्छता और कुत्तों की रोकथाम के लिए जिम्मेदार होगा।

ये दिए हैं निर्देश
स्थानीय निकाय और पंचायतें हर तीन माह में निरीक्षण अभियान चलाकर रिपोर्ट उपायुक्तों को सौंपें।
आवारा कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण के बाद शेल्टर होम्स में स्थानांतरित करने को कहा है। दोबारा वहीं नहीं छोड़े जाएंगे।
सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टाक रखने को कहा।
विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम के तहत छात्रों और शिक्षकों को कुत्तों से सुरक्षित व्यवहार व प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जाएगी।
खेल परिसरों और स्टेडियमों में 24 घंटे निगरानी के लिए व्यापक प्रबंध हों।
रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों में कचरा प्रबंधन प्रणाली मजबूत की जाए ताकि कुत्तों के भोजन स्रोत समाप्त हों।
पांच वर्षों में एंटी रेबीज टीकाकरण और जारी राशि
वर्ष राशि जारी (लाख रुपये में) बंध्याकरण टीकाकरण
2020-21 2.61 2561 17146
2021-22 51 1671 16399
2022-23 40 4165 20706
2023-24 3.50 5253 43549
2024-25 4.01 5623 43909