‘उन्हें आना चाहिए…’, पुतिन ने जेलेंस्की से मिलने में दिखाई दिलचस्पी, लेकिन रख दी ये शर्तें!

Russia-Ukraine war: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीन में सैन्य परेड और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद अपने संबोधन में रूस-यूक्रेन युद्ध पर एक बड़ा बयान दिया. पुतिन ने कहा कि उन्होंने यूक्रेनी प्रेसिडेंट वोलोदिमीर जेलेंस्की से मिलने से कभी इनकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि अगर वह मुझसे मिलना चाहते हैं, तो उन्हें मॉस्को आना चाहिए. हालांकि, पुतिन ने घोषणा की कि अगर शांति समझौता नहीं हुआ तो रूस ‘लड़ाई जारी रखेगा’ और रूसी सेनाएं पूरे यूक्रेन में आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि रूस की कीमत पर यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती.

पुतिन ने जंग को सही ठहराते हुए आगे कहा कि रूस लोगों के लिए लड़ रहा है, न कि जमीन के लिए. हालांकि, रूसी राष्ट्रपति उम्मीद के साथ यह भी कहा कि अगर समझदारी से काम लिया जाए ये जंग एक समझौते के साथ खत्म किया जा सकता है. लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो इसे सैन्य तरीके से सुलझाना होगा.

‘जेलेंस्की अब राष्ट्रपति नहीं हैं’
इतना ही नहीं, रूसी राष्ट्रपति ने इस दौरान जनमत संग्रह का मुद्दा उठाया और कहा कि रूस में शामिल होने वाले ख्वाहिशमंद लोगों के ‘निष्पक्ष और लोकतांत्रिक’ अधिकार को जेलेंस्की को नहीं छीनना चाहिए. उन्होंने यह भी दावा किया कि जेलेंस्की अब राष्ट्रपति नहीं हैं, और यह भी बताया कि मार्शल लॉ के तहत चुनाव नहीं होंगे. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है.

मार्शल लॉ और जेलेंस्की की वैधता पर सवाल
पुतिन का ये ईशारा यूक्रेन में मार्शल लॉ के विस्तार की तरफ था, जिसे हाल ही में जुलाई 2025 में 16वीं बार नवंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया था. साथ ही, जेलेंस्की पर उन चुनावों में देरी करने का आरोप लगाया गया है जिनके लिए अमेरिका और रूस जोर दे रहे थे और मार्शल लॉ के दौरान अपनी तकातों को मजबूत कर रहे थे. पुतिन ने 2024 में जेलेंस्की का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनकी वैधता पर बार-बार सवाल उठाए हैं.