मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र स्थित ग्राम ज्ञानामाजरा रोडान में एक परिवार को कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ी। पूनम पत्नी मोनू का मकान बरसात के कारण ढह गया था, लेकिन उन्हें कोई सरकारी सहायता प्राप्त नहीं हुई।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि लेखपाल की गलत रिपोर्ट के कारण उन्हें आपदा राहत के तहत मकान निर्माण का आश्वासन मिलने के बावजूद सहायता नहीं मिली। इसी वजह से उन्हें खुले में रात गुजारने पर मजबूर होना पड़ा। हालांकि, लेखपाल रवि चक्रवर्ती ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवार से किसी भी धनराशि की मांग नहीं की है।
घटना की सूचना मिलने पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता विकास शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खुले आसमान के नीचे रात बिताकर उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की और जिले के आलाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया।
भाकियू नेता की सूचना के बाद थाना प्रभारी सत्यनारायण दाहिया और नायब तहसीलदार हरेंद्र पाल सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल पीड़ित परिवार को पास के एक सुरक्षित मकान में स्थानांतरित कराया।
अधिकारियों ने परिवार को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर मकान निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। थाना प्रभारी सत्यनारायण दाहिया ने पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में 5100 रुपए प्रदान किए, जबकि भाकियू नेता विकास शर्मा की टीम ने भी 5100 रुपए की सहायता राशि दी।