हिमाचल के पूर्व CM जयराम के गढ़ मंडी में सीएम सुखविंदर सुक्खू की हुंकार

शिमला: हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार के तीन साल पूरे होने पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के गढ़ मंडी से मिशन रिपीट की हुंकार भरी है. राजनीतिक बयानबाजी में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा था कि अगली बार यानी 2027 के चुनाव में कांग्रेस के उतने ही सदस्य चुन कर आएंगे, जितने एक ऑल्टो कार में लोग बैठ सकते हैं. नेता प्रतिपक्ष के इस बयान पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी से इमोशनल कार्ड खेलते हुए दावा किया कि अगली बार कांग्रेस 52 सीटर वोल्वो में बैठकर सत्ता में वापसी करेगी. यानी सीएम सुक्खू ने 52 सीटें जीतने का दावा किया है.

मंडी की रैली में सीएम सुक्खू ने ऑल्टो कार का संदर्भ लेते हुए कहा कि, उन्होंने अपने कठिन समय में पहले मारूति कार और फिर ऑल्टो कार खरीदी. इसी ऑल्टो में बैठकर वो बजट पेश करने आते हैं. ऐसा इसलिए कि वे प्रदेश की जनता के संघर्ष को जानते हैं. मंडी की रैली में सीएम सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा. सीएम सुक्खू ने अपने कार्यकाल की सिलसिलेवार उपलब्धियां गिनाईं तो डिप्टी सीएम ने भी तीखे तेवर अपनाए.

जन संकल्प रैली से अगले चुनाव में फिर से वापसी का दावा!
उल्लेखनीय है कि, हिमाचल प्रदेश में चार दशक से कोई भी पार्टी सत्ता रिपीट नहीं कर पाई है. यहां जनता पांच-पांच साल बाद सरकार बदल देती है. भाजपा ने पिछले कार्यकाल में डबल इंजन की सरकार के फायदे गिनाते हुए मिशन रिपीट का दावा किया था, लेकिन चुनाव में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत मिला. अब तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर सीएम सुक्खू ने 52 सीटर वोल्वो का उदाहरण देकर सरकार की अगले चुनाव में फिर वापसी का दावा किया है. मंडी की जन संकल्प रैली को कांग्रेस आने वाले दो साल के रोडमैप की नींव के रूप में देख रही है. वहीं, भाजपा ने इस रैली के आयोजन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि प्रदेश आपदा के बाद से संभलने का प्रयास कर रहा है, ऐसे में कांग्रेस को जश्न की सूझी है. कांग्रेस एक तरफ तो आपदा का बहाना बनाकर पंचायत चुनाव से टल रही है, वहीं, रैली के लिए उसके पास समय व संसाधन दोनों हैं.

केंद्र के सौतेले व्यवहार के बीच आई आपदा की चुनौती: CM सुक्खू
CM सुक्खू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा है, “आपके इस अपार जनसमर्थन ने भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा खड़ी की गई राजनीतिक एवं आर्थिक बाधाओं के बावजूद हिमाचल की प्रगति की राह तैयार करने की शक्ति दी. केंद्र के सौतेले व्यवहार के बीच आई आपदा की चुनौती में भी हमने किसी परिवार को अकेला नहीं छोड़ा. संवेदनशीलता को आधार बनाकर मुआवज़ा कई गुना बढ़ाया और राहत सीधे ज़मीन तक पहुंचाई. जनता के भरोसे को निभाते हुए गारंटियां पूरी कीं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया, हक़ की लड़ाई को नया बल दिया, चिट्टा-मुक्त हिमाचल का अभियान तेज़ किया और राजस्व वृद्धि की नींव मजबूत की. हिमाचल के हक़, आत्मनिर्भर हिमाचल के मिशन, हिमाचल की अस्मिता और हिमाचलियत की रक्षा के लिए व्यवस्था परिवर्तन का संकल्प आगे भी इसी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा.”

रैली के साथ ही चुनावी मिशन की तैयारी
हिमाचल में सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के तीन साल के कार्यकाल पूरा होने पर मंडी में रैली की गई. इसमें बेशक केंद्र से कोई बड़ा नेता और होली लॉज के सियासी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुए, लेकिन सीएम व डिप्टी सीएम ने खूब हुंकार भरी. सीएम सुक्खू ने अपने कार्यकाल की शुरुआत का जिक्र किया कि व्यवस्था परिवर्तन के नारे के साथ सत्ता में आकर काम करना आरंभ किया. उन्होंने निराश्रित बच्चों के लिए उठाए संकल्प व कार्यों का ब्यौरा दिया. साथ ही ओपीएस लागू करने की उपलब्धि को हाईलाइट किया.

सीएम सुक्खू ने कहा कि, आपदा के समय उनकी पूरी सरकार फील्ड में उतरी थी. सीएम के निशाने पर नेता प्रतिपक्ष रहे. सीएम ने कहा कि 2023 में उनकी सरकार की परीक्षा हुई. सदी की सबसे बड़ी आपदा का सामना करना पड़ा. उसके बाद 2025 में पहले से भी अधिक नुकसान हुआ. सरकार फील्ड में उतरी. फंसे हुए पर्यटकों एवं आम जनता को निकाला गया. मंडी में हुए नुकसान के बाद सहायता राशि व मदद कार्य को लेकर कोई भेदभाव नहीं किया गया. केंद्र ने समय पर आपदा से निपटने के लिए फंड नहीं दिया तो राज्य सरकार ने अपने संसाधनों ने 4500 करोड़ रुपए जुटाए.

सीएम सुक्खू ने कहा कि, आपदा मैनुअल में बदलाव किया गया. अब आपदा में नष्ट हुए घर को बनाने के लिए 7 लाख रुपए दिए जाते हैं. सीएम सुक्खू के भाषण में राज्यसभा चुनाव में पराजय का दर्द दिखा, लेकिन उन्होंने कहा कि कांग्रेस के टिकट पर चुनकर आए नेताओं के बिकने के बाद भी उनकी सरकार फिर से 40 सीटों पर खड़ी है. सीएम ने कहा कि, उनकी सरकार ने सात गारंटियां पूरी की हैं और बाकी को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा. सीएम सुक्खू ने कर्ज के बोझ को लेकर पूर्व सरकार के सिर ठीकरा फोड़ा. उन्होंने कहा कि, पूर्व सरकार 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज छोड़ गई. साथ ही 10 हजार करोड़ की कर्मचारियों की देनदारी भी नई सरकार के जिम्मे आई.

साजिश में शामिल अफसरों को डिप्टी सीएम की चेतावनी
वहीं, डिप्टी सीएम के निशाने पर अफसरशाही के साथ-साथ पार्टी के खिलाफ साजिशें रचने वाले रहे. मुकेश अग्निहोत्री ने तीखे शब्दों में कहा कि, जो लोग पार्टी व सरकार के खिलाफ साजिशें रचते हैं, उनसे सख्ती से निपटेंगे. साथ ही उन्होंने उन अफसरों को चेतावनी दी, जो कांग्रेस सरकार होते हुए भी भाजपा नेताओं के यहां हाजिरी भरते हैं.

मंच पर डिप्टी CM ने CM पर निकाली भड़ास: जयराम ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, “आज पूरे प्रदेश ने देखा कि कैसे इनके मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने एक दूसरे के खिलाफ आंखे तरेरते हुए भड़ास निकाली. आज मंच से डिप्टी सीएम ने कहा कि जो मुकेश अग्निहोत्री को निपटाने की कोशिश करेगा, उसको नेस्तनाबूद कर देंगे. डिप्टी सीएम का इशारा सीएम की तरफ था. अधिकारियों को रात के अंधेरे में निपटाने की बात कही गई, जो उनकी फ्रस्ट्रेशन और भड़ास दिखाता है.”

‘आपदा में जश्न मना कर जनता से दूरी बना रही है कांग्रेस सरकार’
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर मंडी में आयोजित जनसंकल्प सम्मेलन को लेकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बड़ा जुबानी हमला बोला है. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि, “आपदा के बीच ऐसे समारोहों का आयोजन जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है. प्रदेश में हाल ही में हुई प्राकृतिक आपदाओं ने मंडी और अन्य क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है, ऐसे में सरकार को जश्न मनाने से पहले ज़मीनी हालात पर ध्यान देना चाहिए था. वर्तमान सरकार तीन साल के कार्यकाल में कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई है. सरकार जनता को राहत देने में नाकाम रही, लेकिन जश्न मनाने के लिए पूरे मंत्रिमंडल के के साथ मंडी पहुंच गई. चारों तरफ तबाही हुई है, लोगों का नुकसान हुआ है, और सरकार जश्न मनाने में व्यस्त है.”

‘आपदा से जूझते मंडी में जश्न, पीड़ितों के जख्मों पर नमक’
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा रणधीर शर्मा ने कहा कि, “कांग्रेस सरकार ने जश्न मनाने के लिए वही जिला चुना जहां प्राकृतिक आपदाओं ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया था. आपदा में घर खो चुके परिवार आज भी मुआवजे और राहत का इंतजार कर रहे हैं, और सरकार उसी जिले में तामझाम से जश्न मना रही है. यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है. यह भी संज्ञान में आया है कि रैली में आने वालों के खाने–पीने और व्यवस्थाओं का खर्च आपदा राहत राशि से किया गया, जो जनता के साथ दोहरी धोखाधड़ी है, आपदा राहत पर राजनीति करना और जनता की तकलीफ पर उत्सव मनाना पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कना है.”

रजनी पाटिल ने सीएम सुक्खू की थपथपाई पीठ
कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने सीएम सुक्खू की पीठ थपथपाई और कहा कि, कांग्रेस सरकार राहुल गांधी के विजन के अनुसार काम कर रही है. रैली में कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह व पूर्व पीसीसी चीफ प्रतिभा सिंह विदेश दौरे पर होने के कारण शामिल नहीं हुए. मंडी के पड्डल मैदान में सरकार की तरफ से विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को बुलाया गया था. रैली के लिए सरकारी बसों का इंतजाम किया गया था. इस दौरान बेरोजगार नर्सिज ने न्याय की मांग वाले बैनर लेकर अपनी व्यथा सरकार तक पहुंचाने की कोशिश भी की.