प्रेगनेंट भारतीय महिलाओं को वीजा नहीं… अमेरिका ने लगाया बैन

वॉशिंगटन: भारत में अमेरिकी दूतावास ने गर्भवती भारतीय महिलाओं को वीजा देने में खास सतर्कता बरतने का ऐलान किया है। दूतावास ने कहा है कि अगर उन्हें लगता है कि यात्रा का मुख्य मकसद अमेरिका में बच्चे को जन्म देना और बच्चे के लिए अमेरिकी नागरिकता हासिल करना है तो वह वीजा नहीं देंगे। दूतावास ने कहा कि इसकी इजाजत नहीं है। अमेरिका का दावा है कि हर साल बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं बच्चों को जन्म देने के लिए टूरिस्ट वीजा पर देश में प्रवेश करती हैं। ट्रंप प्रशासन ने पहले ही ऐसी महिलाओं पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था।

अमेरिकी दूतावास ने क्या कहा

अमेरिकी दूतावास ने बयान जारी कर कहा, “अमेरिकी काउंसलर अधिकारी टूरिस्ट वीज़ा एप्लीकेशन को मना कर देंगे, अगर उन्हें लगता है कि यात्रा का मुख्य मकसद अमेरिका में बच्चे को जन्म देना और बच्चे के लिए अमेरिकी नागरिकता हासिल करना है। इसकी इजाज़त नहीं है।” अमेरिका ने इसे बर्थ टूरिज्म का नाम दिया है।

अमेरिका में जन्मजात नागरिकता क्या है

अमेरिका में जन्मा बच्चा, अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत स्वतः अमेरिकी नागरिक बन जाता है, चाहे उसके माता-पिता की आव्रजन स्थिति (इमिग्रेशन स्टेटस) कुछ भी हो; इसे “जन्मसिद्ध नागरिकता” (Birthright Citizenship) कहते हैं, जो माता-पिता को नागरिकता नहीं देती, पर बच्चे को सभी नागरिक अधिकार, जैसे अमेरिकी पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की क्षमता प्रदान करती है।

इसके अपवाद क्या हैं

अगर बच्चा अमेरिका की जमीन पर पैदा हुआ है (कुछ अपवादों को छोड़कर), तो वह जन्म से ही अमेरिकी नागरिक है। हालांकि, विदेशी राजनयिकों के बच्चे जो आधिकारिक ड्यूटी पर अमेरिका में पैदा होते हैं, वे अमेरिकी नागरिक नहीं माने जाते हैं।