हो जाएं सावधान! इंसानों के लिए इस बड़ी महामारी का लगातार बढ़ रहा खतरा

दुनियाभर में H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा (जिसे बर्ड फ्लू भी कहा जाता है) एक बार फिर सुर्खियों में है। यह वायरस दशकों से पक्षियों को खत्म कर रहा है लेकिन अब वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या यह इंसानों के बीच फैलकर कोविड-19 जैसी महामारी का रूप ले सकता है। हाल ही में भारत की अशोका यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक विस्तृत रिसर्च की है जो भविष्य के इस खतरे की ओर इशारा करती है।

WHO के डराने वाले आंकड़े
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 2003 से अगस्त 2025 तक के डेटा के अनुसार:

कुल मामले: 25 देशों में 990 इंसानी मामले दर्ज किए गए।

मौत का आंकड़ा: इनमें से 475 लोगों की जान चली गई।

मृत्यु दर: लगभग 48%। (तुलना के लिए: कोविड-19 की मृत्यु दर इससे काफी कम थी जो इसे और अधिक घातक बनाती है)।

वैश्विक और घरेलू स्थिति: अब बाघों तक पहुंचा वायरस
H5N1 अब केवल मुर्गियों या बत्तखों तक सीमित नहीं रहा है:

अमेरिका: यहां 18 राज्यों के 1,000 से ज्यादा डेयरी फार्म इसकी चपेट में हैं। लगभग 70 इंसान संक्रमित हुए हैं और एक मौत भी दर्ज की गई है।

भारत: जनवरी 2025 में नागपुर के एक वाइल्डलाइफ रेस्क्यू सेंटर में तीन बाघ और एक तेंदुए की मौत H5N1 से हुई। यह साबित करता है कि वायरस अब स्तनधारी जीवों (Mammals) में तेजी से फैल रहा है।

क्या कहती है भारतीय वैज्ञानिकों की रिसर्च?
प्रोफेसर फिलिप चेरियन और प्रोफेसर गौतम मेनन की स्टडी ‘BMC Public Health’ जर्नल में प्रकाशित हुई है। उन्होंने ‘BharatSim’ सॉफ्टवेयर के जरिए तमिलनाडु के नामक्कल जिले (जो पोल्ट्री हब है) जैसा एक डिजिटल मॉडल तैयार किया।

रिसर्च के मुख्य निष्कर्ष:

10 केस का आंकड़ा: अगर इंसान में संक्रमण के शुरुआती 2 मामले मिलते ही संपर्कों को क्वारंटीन कर दिया जाए तो खतरा टल सकता है। लेकिन अगर मामले 10 तक पहुंच गए तो इसे रोकना नामुमकिन हो जाएगा और यह समाज में फैल जाएगा।

संक्रमण का रास्ता: वायरस पोल्ट्री फार्म या मंडियों से होकर घर, स्कूल और दफ्तरों तक पहुंच सकता है।

क्वारंटीन का सही समय: बहुत जल्दी क्वारंटीन करने से घर के अन्य सदस्य संक्रमित हो सकते हैं जबकि बहुत देरी से करने पर पूरा समाज खतरे में पड़ सकता है।