Balochistan: बलूच नेता मीर यार बलूच ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपील करते हुए कहा है कि चीन आने वाले महीनों में पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में अपनी सैन्य टुकड़ियां तैनात कर सकता है. नववर्ष के दिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक खुले पत्र में उन्होंने चीन-पाकिस्तान के बढ़ते रणनीतिक गठबंधन को क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताया. मीर यार बलूच ने दावा किया कि बलूचिस्तान दशकों से पाकिस्तान के नियंत्रण में दमन, राज्य प्रायोजित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघनों का सामना कर रहा है.
चीन बलूचिस्तान में कर सकता है सैन्य हस्तक्षेप
बलूच नेता मीर यार बलूच ने कहा कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के अंतिम चरण की ओर बढ़ने के साथ क्षेत्र में चीन की प्रत्यक्ष सैन्य मौजूदगी की आशंका बढ़ गई है. उनके अनुसार, यदि बलूच प्रतिरोध और रक्षा बलों को मजबूत नहीं किया गया तो चीन जल्द ही बलूचिस्तान में सैनिक तैनात कर सकता है. पत्र में उन्होंने कहा कि स्थानीय आबादी की सहमति के बिना किसी भी चीनी सैन्य तैनाती के गंभीर क्षेत्रीय परिणाम होंगे और यह भारत व बलूचिस्तान दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. हालांकि, चीन और पाकिस्तान लगातार यह कहते रहे हैं कि CPEC एक आर्थिक परियोजना है, न कि सैन्य.
बता दें, भारत सरकार पहले ही CPEC का विरोध करती रही है यह तर्क देते हुए कि यह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर से होकर गुजरती है और भारत की संप्रभुता व सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है. मीर यार बलूच ने पत्र में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर की भी सराहना की. फिलहाल, मीर यार बलूच के इन दावों पर भारत चीन या पाकिस्तान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.