जयपुर: राजस्थान में एक बार फिर ब्यूरोक्रेसी और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले दिनों ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इससे सरकार के कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है। कलेक्टर और एसपी लेवल के अफसर सांसदों, मंत्रियों और विधायकों को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। इस तरह की कई शिकायतें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक पहुंची हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि नए साल में अब जल्द ही इसका असर देखने को मिलेगा। सरकार जल्द ही ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव कर सकती है।
मंत्री ने कलेक्टर को फटकारा
आपको याद होगा, पिछले दिनों वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा को फटकार लगाई थी। मंत्री ने यहां तक कह दिया कि आप भ्रष्टाचारियों का समर्थन कर रहे हैं। दरअसल, मंत्री संजय शर्मा 23 दिसंबर 2025 को शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे थे। वहां परिवादियों की सुनवाई के दौरान जब कलेक्टर बीच में बोलने लगे तो वन मंत्री संजय शर्मा भड़क गए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर साहब, आपकी मर्जी हो तो उस तरह से इस सीकर जिले को चलाइए, मैं जा रहा हूं। नाराज मंत्री द्वारा कलेक्टर को फटकार लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हुआ था।
प्रतापगढ़ कलेक्टर से नाराज सांसद
प्रतापगढ़ की जिला कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत का विवाद भी पिछले दिनों सुर्खियों में रहा। मन्नालाल रावत ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जिला कलेक्टर की शिकायत की। उधर, जिला कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया ने भी मोर्चा खोल दिया। डॉ. राजोरिया ने भी मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सांसद के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। कलेक्टर ने सीधा आरोप लगाया कि उदयपुर सांसद केवल अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने का दबाव डाल रहे हैं, जबकि वे सभी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्य करने के प्रयास कर रही हैं।
विधायक ने कलेक्टर और एडीएम को फटकारा
नवंबर में गंगानगर जिला मुख्यालय पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम के दौरान प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए भाजपा विधायक जयदीप बिहानी जिला कलेक्टर और एडीएम पर बिफर गए। उन्होंने मंच पर ही जिला कलेक्टर मंजू को फटकार लगाई। एडीएम सुभाष चंद्र को कार्यक्रम से निकल जाने का आदेश दिया। कलेक्टर को भी कार्यक्रम छोड़कर जाने के लिए कह दिया था। विधायक ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जिला कलेक्टर और एडीएम की शिकायत की। बाद में कलेक्टर और एडीएम ने भी अपनी तरफ से सफाई पेश करते हुए सरकार को पत्र भेजा।
जयपुर सांसद ने अफसरों को लगाई लताड़
पिछले दिनों जयपुर शहर में आयोजित शहरी समस्या समाधान शिविर में पहुंचीं जयपुर सांसद मंजू शर्मा अफसरों के कामकाज को लेकर काफी नाराज हुईं। उन्होंने कहा कि आप लोग जनता के काम नहीं करते हो और जनता हमारे दरवाजे पर बार-बार शिकायतें करती है। अगर काम ही नहीं करना है तो तनख्वाह क्यों लेते हो। नगर निगम के अफसरों को फटकार लगाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
अपनी ही सरकार में दुखी हैं मंत्री, सांसद और विधायक
प्रदेश में भाजपा की सरकार है और भाजपा से जुड़े बड़े जनप्रतिनिधि अफसरों के रवैये से परेशान हैं। जनप्रतिनिधि अपने हिसाब से काम कराना चाहते हैं, जबकि अफसर नियमों का हवाला देते हुए काम करने की बात कहते हैं। वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारहट का कहना है कि अफसरों और जनप्रतिनिधियों में टकराव की घटनाएं हमेशा से सामने आती रही हैं, क्योंकि नेताओं की परीक्षा हर पांच साल में होती है। ऐसे में वे अपनी मर्जी से काम कराना चाहते हैं, जबकि अफसर उनके मुताबिक काम नहीं कर सकते। बारहट का कहना है कि सरकार चाहे किसी भी दल की बने, इस तरह की घटनाएं भविष्य में सामने आती रहेंगी।