Samudrik Shastra: सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, मानव शरीर पर मौजूद हर छोटा निशान या तिल एक विशेष अर्थ रखता है. ये सिर्फ त्वचा पर बने काले बिंदु नहीं हैं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, भाग्य और भविष्य के दर्पण होते हैं. कुछ तिल जन्मजात होते हैं, तो कुछ समय के साथ उभरते हैं. शास्त्रों की मानें तो शरीर के कुछ विशेष हिस्सों पर तिल का होना जातक के भाग्यशाली होने और आर्थिक रूप से संपन्न होने का प्रमाण है.ऐसे में आइए जानते हैं शरीर के उन तिलों के बारे में, जो जीवन में सुख-समृद्धि के आगमन का संकेत देते हैं.
माथे पर तिल
अगर, किसी व्यक्ति के माथे (ललाट) के दाहिनी ओर काला तिल है, तो इसे अत्यंत मंगलकारी माना जाता है. ऐसे जातक बुद्धिमान होते हैं और अपनी मेहनत के बल पर अकूत संपत्ति अर्जित करते हैं. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, इन्हें जीवन में कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता और समाज में इनका मान-सम्मान बढ़ता है.
नाभि के पास तिल
नाभि के आसपास या ठीक ऊपर तिल का होना व्यक्ति के भाग्यवान होने की निशानी है. ऐसे लोग खाने-पीने के शौकीन होते हैं और इनके पास धन का प्रवाह निरंतर बना रहता है. इन्हें विरासत में भी संपत्ति मिलने के योग रहते हैं और इनका गृहस्थ जीवन सुखमय बीतता है.
सीने और गले पर तिल
छाती के बीचों-बीच या गले के पास तिल का होना राजयोग के समान माना गया है. ऐसे व्यक्ति स्वभाव से सरल और भाग्यशाली होते हैं. इन्हें जीवन में प्रसिद्धि और उच्च पद की प्राप्ति होती है. गले पर तिल होने का अर्थ है कि व्यक्ति की वाणी प्रभावशाली होगी और उसे कभी भी धन के अभाव में नहीं रहना पड़ेगा.
नाक के दाहिनी ओर तिल
नाक के दाहिनी ओर तिल का होना व्यक्ति के विलासितापूर्ण जीवन की ओर संकेत करता है. ऐसे लोग भाग्य के धनी होते हैं और उन्हें कम मेहनत में भी सफलता मिल जाती है. हालांकि, ऐसे जातक थोड़े खर्चीले स्वभाव के भी हो सकते हैं, लेकिन उनके पास धन का अभाव कभी नहीं होता.
दाहिनी हथेली पर तिल
हथेली पर तिल का होना बहुत ही विशेष माना जाता है. खासतौर पर अगर तिल दाहिनी हथेली के ऊपरी हिस्से पर हो, तो यह जीवन में सुख-समृद्धि के आगमन को दर्शाता है. ऐसे लोग धन संचय करने में निपुण होते हैं और शादी के बाद इनका भाग्य विशेष रूप से चमकता है.