RBI गवर्नर की NBFC को चेतावनी, लोन देने से पहले यह काम करना जरूरी; आम आदमी के ल‍िए क्‍या बदलेगा?

RBI Chief To NBFC: र‍िजर्व बैंक ऑफ इंड‍िया (RBI) अध‍िकार‍ियों ने प‍िछले आठ द‍िन में तीन बार कई बड़ी एनबीएफसी (NBFC) के अध‍िकार‍ियों से मुलाकात की. एनबीएफसी के सीईओ और एमडी से की गई मुलाकात में आरबीआई (RBI) गवर्नर की तरफ से साफ कहा गया क‍ि लोन देने की क्‍वाल‍िटी पर लगातार नजर रखो. यह आठ दिन में आरबीआई (RBI) की तरफ से दी गई तीसरी चेतावनी है. इसका मकसद साफ है क‍ि आरबीआई (RBI) चाहता है क‍ि एनबीएफसी (NBFC) पहले से ज्‍यादा सतर्कता और जिम्मेदारी से काम करें.

लोन ड‍िफॉल्‍ट बढ़ने के बाद उठाया कदम
आरबीआई (RBI) की तरफ से यह कदम एनबीएफसी (NBFC) के लोन ड‍िफॉल्‍ट बढ़ने के बाद उठाया गया है. आपको बता दें एनबीएफसी देश में क्रेडिट पहुंचाने का बड़ा जर‍िया है. लेकिन आरबीआई (RBI) ने कहा कि अच्छी अंडरराइटिंग, एसेट क्‍वाल‍िटी पर लगातार न‍िगरानी, कस्‍टमर के हित में काम, नैतिक व्यवहार, जिम्मेदारी से लेंडिंग और शिकायतों का तुरंत समाधान जरूरी है. ऐसा करने से एनबीएफसी पर लोगों का भरोसा बना रहेगा और सिस्टम सुचारू रूप से चलेगा.

बैंक और NBFC के बीच संकट फैलने का बड़ा र‍िस्‍क
हाल ही में 31 दिसंबर को जारी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट में आरबीआई (RBI) की तरफ से चिंता जताई गई थी क‍ि एनबीएफसी (NBFC) अभी भी ज्यादातर फंड बैंकों से लेते हैं. इससे बैंक और एनबीएफसी (NBFC) के बीच संकट फैलने का बड़ा र‍िस्‍क है. आने वाले समय में एक सेक्टर में द‍िक्‍कत आने से दूसरा भी प्रभावित होगा. बैंकों ने कुछ चुनिंदा एनबीएफसी (NBFC) से 80% सेक्‍योर‍िटाइज्‍ड एसेट खरीदे हैं. इससे ‘कॉरिलेटेड रिस्क’ बढ़ गया है. यद‍ि इनमें से किसी बड़े NBFC को द‍िक्‍कत हुई तो कई बैंकों पर एक साथ असर पड़ेगा.

अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन बहुत तेजी से बढ़े
एसेट क्‍वाल‍िटी के संकेत मिले-जुले हैं. माइक्रो फाइनेंस सेगमेंट में अभी भी दबाव दिख रहा है. फिनटेक कंपनियों के जरिये छोटे अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन (50,000 रुपये तक) बहुत तेजी से बढ़े हैं. इनमें खासकर छोटे लोन और उन कर्जदारों में डिफॉल्ट की हालत ज्‍यादा है, जो 5 या इससे ज्‍यादा जगहों से लोन ले चुके हैं. आरबीआई (RBI) की तरफ से साफ संकेत द‍िया जा रहा है क‍ि तेज ग्रोथ के चक्कर में क्‍वाल‍िटी से कम्‍परोमाइज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. NBFC को अब और सतर्क रहना होगा.

आमतौर पर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल: आरबीआई ने NBFC चीफ के साथ मीटिंग में क्‍या कहा?
जवाब: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा क‍ि अच्छी अंडरराइटिंग (लोन देने की जांच) रखें, एसेट क्‍वाल‍िटी (लोन की गुणवत्ता) पर कड़ी नजर रखें. कस्‍टमर फोकस्‍ड होकर और नैतिक तरीके से काम करें, जिम्मेदारी से लोन दें और शिकायतों का तुरंत समाधान करें.

सवाल: NBFC और बैंकों के बीच क्या बड़ा र‍िस्‍क है?
जवाब: NBFC की तरफ से अभी भी ज्यादातर फंड बैंकों से ल‍िया जाता है, जिससे कंटेजियन रिस्क एक सेक्टर का संकट दूसरे में फैलना) बना रहता है. साथ ही, बैंकों ने कुछ ही चुनिंदा NBFC से 80% सेक्योरिटाइज्ड एसेट खरीदे हैं. अगर इन बड़े NBFC में दिक्कत आई तो कई बैंकों पर एक साथ असर पड़ेगा.

सवाल: आरबीआई की चेतावनी से आम कर्जदारों पर क्या फर्क पड़ेगा?
जवाब: NBFC यद‍ि सख्त जांच और जिम्मेदार लेंडिंग अपनाएगा तो अच्छे क्रेडिट स्कोर वालों को अच्‍छी ब्‍याज दर पर आसानी से लोन मि‍ल सकेगा. लेकिन जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री कमजोर है, कई जगह से पहले से ही लोन ले रखा है या छोटे लोन ले रहे हैं, उनके ल‍िये लोन म‍िलना मुश्किल या महंगा हो सकता है.