शिक्षकों की छुट्टियों पर लगी रोक, दो महीने तक ड्यूटी पर रहना होगा तैनात, जानिए क्या है सरकार का सख्त आदेश?

ESMA Imposed on Teachers: आगामी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख शिक्षकों पर अतिआवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है. इसके तहत अब शिक्षकों की छुट्टी और धरना प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है. माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं, जिसमें कहा गया है कि शिक्षक परीक्षा ड्यूटी से इंकार नहीं कर सकेंगे.

अतिआवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत अगले दो माह तक शिक्षकों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है. यह आदेश 1 फरवरी से 30 अप्रैल तक लागू रहेगा. आदेश के अनुसार, ड्यूटी से मना करना या कामकाज में व्यवधान डालना कानून का उल्लघंन माना जाएगा और संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी.

7 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं होंगी शुरू
बता दें, प्रदेश में 7 फरवरी से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, जिसमें करीब 17 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे. प्रशासन का कहना है कि परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए यह निर्णय लिया गया है. प्रशासन का कहना है कि, बोर्ड एग्जाम के दौरान एक छोटी सी गलती भी बड़ा असर डाल सकती है, इसीलिए बोर्ड एग्जाम ड्यूटी से जुड़ी सेवाओं को जरूरी सेवाओं की सूची में शामिल किया गया है.

शिक्षकों की छुट्टी और प्रदेशन पर रोक
बोर्ड ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परीक्षा के दौरान शिक्षकों को कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी. एस्मा (आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम) लागू होने के बाद, शिक्षकों को किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन, हड़ताल या धरने में हिस्सा लेने से भी मना किया गया है. उनका मुख्य मकसद परीक्षाओं को बिना किसी रुकावट के करवाना है. परीक्षा से जुड़ी ड्यूटी करने से मना करने पर कानून का उल्लघंन माना जाएगा. यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की रुकावट को रोकने के लिए उठाया गया है.