शिमला : हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है. राज्य सरकार पेट्रोल से चलने वाली टैक्सियों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलेगी. इस योजना की घोषणा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला में 10 जनवरी को परिवहन तथा श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान की.
पहले चरण में राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के तहत 1,000 पेट्रोल टैक्सियों को ई-टैक्सी से बदला जाएगा, जिससे स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे. मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार इस योजना के तहत टैक्सी मालिकों को 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान करेगी.
परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए. जो पेट्रोल आधारित टैक्सियां ई-टैक्सी से बदली जाएंगी, उन्हें पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर स्क्रैप किया जाएगा ताकि पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को पूरी तरह से हटाया जा सके. सरकार का मानना है कि इससे ईंधन पर निर्भरता घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी.
सरकार 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी देगी
ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी राज्य सरकार ने अहम कदम उठाने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि निजी बस संचालन के लिए 390 ग्रामीण मार्गों पर परमिट आवंटित किए जाएंगे. आईएएनएस के मुताबिक, इसके लिए सरकार 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी देगी. इस पहल से दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर और नियमित परिवहन सुविधा मिलेगी. साथ ही निजी बस संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है. 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना के पहले चरण में ई-टैक्सी की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है. राजीव गांधी ई-टैक्सी योजना के तहत पात्र युवाओं को 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है और उनके वाहनों को सरकारी विभागों में तैनात करने की गारंटी भी दी जाती है. इस बैठक में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार गोकुल बुटैल, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और श्रम आयुक्त वीरेंद्र शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.