अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के कड़े नियम और इमिग्रेशन एजेंट्स को दी गई खुली छूट अब जान लेने पर उतारू है। अमेरिका के मिनियापोलिस में एक और शख्स को फेडरल एजेंट्स ने गोली मार दी जिसकी थोड़ी ही देर बाद मौत हो गई। मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने एजेंट्स के इस रवैया पर दुख जताते हुए ट्रंप प्रशासन को घेरा है। जानकारी के मुताबिक मरने वाले शख्स की उम्र 51 साल है। गवर्नर ने मांग की है कि डोनाल्ड ट्रंप अपना अभियान तुरंत खत्म कर दें।
वॉल्ज ने कहा कि इस दुखद घटना के बाद तुरंत वाइट हाउस से बात की गई है और डोनाल्ड ट्रंप से मांग की गई है कि इस इमिग्रेशन ऑपरेशन को तत्काल प्रभाव से बंदकर दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह से लोगों को सरेआम गोली मार देना, बेहद निंदनीय और घृणित है। इसके अलावा अनट्रेंन्ड और हिंसक अधिकारियों को वापस बुला लेना चाहिए।
यहां के स्थानीय अधिकारियों और पुलिस का कहना है कि लोग इस इलाके से दूर रहें। वहीं पिछली बार की तरह ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शनों की आशंका है। ऐसे में प्रशासन सख्त हो गया है। जानकारी के मुताबिक डीएचएस ने कहा है कि मतक के पास एक हथियार और दो जिंदा कारतूस थे।
लोगों में आक्रोश
इन घटनाओँ के बाद लोगों में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। सोशळ मीडिया पर भी लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने फेडरल एजेंट्स को कायर बताया है और उन्हें तुरंत वापस बुलाने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले 7 जनवरी को रेनी गुड नाम की एक महिला को आईसीई अधिकारी ने गोली मार दी थी जिसकी मौत हो गई थी। इसके बाद भी लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किए थे।
मृतक महिला तीन बच्चों की मां थी। जबकि प्रशासन ने दावा किया था कि वह एक दंगाई थी। खुद को बचाने के लिए एजेंट्स ने दावा किया कि वह गाड़ी से एजेंट को कुचलना चाहती थी और इसलिए गोली चलानी पड़ गई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एजेंट्स के साथ खड़े नजर आते हैं।