मुजफ्फरपुर। सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा इलाके की एक युवती वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से हुए साइबर ठगी का शिकार हो गई। खुद को लंदन का बड़ा कारोबारी बताने वाले ठग ने युवती से दोस्ती कर विश्वास में लिया और फिर 1.20 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़िता ने बताया कि कीरत सिंह नामक व्यक्ति ने उसकी प्रोफाइल पर पहले रिक्वेस्ट भेजी थी, जिसे उसने अस्वीकार कर दिया था। इसके बावजूद आरोपी ने प्रीमियम प्रोफाइल का लाभ उठाकर उसका व्हाट्सएप नंबर हासिल कर लिया और लगातार संपर्क करने लगा। उसने खुद को भारतीय मूल का लंदन निवासी बताया और कार व मोबाइल शोरूम का मालिक होने का दावा किया। धीरे-धीरे आरोपी ने युवती का भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसने आईफोन गिफ्ट भेजने का झांसा दिया और एयरपोर्ट पर पार्सल पैकिंग का वीडियो भी साझा किया। इससे पीड़िता पूरी तरह विश्वास में आ गई।
पार्सल के नाम पर शुरू हुई ठगी
चार जनवरी 2026 की सुबह युवती को कार्गो ऑफिस के नाम से फोन आया। कॉल करने वाले ने पार्सल छुड़ाने के लिए टैक्स के रूप में 30 हजार रुपये की मांग की। पीड़िता ने पार्सल लेने से मना किया, तो ठगों ने सीबीआई जांच और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया। डर के कारण युवती ने बताए गए यूपीआई नंबर पर पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद ठगों ने गृह मंत्रालय और सीआईडी की फर्जी मुहर लगा एक दस्तावेज भेजा, जिस पर पीड़िता की फोटो भी लगी थी।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर ऐंठे रुपये
ठगों ने अथॉरिटी लेटर फीस और अन्य शुल्क के नाम पर राजहरण यादव व अन्य के खातों में पहले 40 हजार और फिर पीड़िता के पिता के बैंक खाते से 50 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इस तरह कुल 1.20 लाख रुपये की ठगी की गई। जब पीड़िता ने और पैसे देने से मना किया, तो ठगों ने जेल भेजने का वीडियो भेजकर डराने की कोशिश की। पीड़िता के पास पूरी धोखाधड़ी से जुड़े व्हाट्सएप चैट, वॉइस मैसेज और भुगतान के पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं।
साइबर थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी
पीड़िता ने इस मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें कीरत सिंह, राजहरण यादव और धनमोल यादव समेत तीन मोबाइल नंबर धारकों को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।