मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में भारतीय थल सेना की अग्निपथ योजना के तहत दूसरी अग्निवीर भर्ती रैली का सफल समापन हो गया। 22 अगस्त से शुरू हुई इस रैली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 13 जिलों के युवाओं ने हिस्सा लिया। चौधरी चरण सिंह स्टेडियम में आयोजित इस भर्ती रैली में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, मुरादाबाद, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, बागपत, गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ के युवा शामिल हुए।
सेना भर्ती कार्यालय मेरठ के भर्ती निदेशक कर्नल सत्यजीत बेबले के अनुसार, रैली में जनरल ड्यूटी, क्लर्क/एसकेटी, तकनीकी और ट्रेड्समैन श्रेणियों के लिए भर्तियां की गईं। करीब 17,500 अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षण के लिए किया गया। इनमें से 15,369 उम्मीदवारों ने अपना कौशल और अनुशासन प्रदर्शित किया।
18 दिनों तक चले इस आयोजन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने का अवसर प्रदान किया। इस दौरान भारतीय सेना की पारदर्शिता और अनुशासन का भी प्रदर्शन हुआ। रविवार को मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण होने के साथ ही सैन्य अधिकारियों ने जिले से विदाई की तैयारी कर ली है।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान मेजर जनरल मनोज तिवारी (क्षेत्रीय भर्ती अधिकारी) और ब्रिगेडियर एसके मंडल (उप महानिदेशक) समेत कई उच्च पदस्थ अधिकारियों ने स्टेडियम का दौरा किया। अधिकारियों ने भर्ती कार्य की समीक्षा करने के साथ उम्मीदवारों का उत्साहवर्धन भी किया।
अधिकारियों ने युवाओं में अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना की सराहना करते हुए इसे अग्निपथ योजना के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक बताया। पूरी प्रक्रिया मुख्यालय 9 आर्टिलरी ब्रिगेड और 92 मध्यम तोपखाना के सहयोग से सुचारू रूप से संपन्न हुई।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा (आईएएस) के कुशल नेतृत्व में नागरिक प्रशासन ने सेना को आवश्यक सहयोग, जनशक्ति और सभी प्रकार की सहायता प्रदान की, जिससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही। कर्नल बेबले ने अंत में कहा कि युवाओं के अनुशासन और लगन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय सेना में शामिल होना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का गौरवपूर्ण संकल्प है।
उन्होंने बताया कि रविवार को मेडिकल प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और सोमवार की शाम स्टेडियम से सैन्य दल रवाना हो जाएगा। इसके बाद विभिन्न श्रेणियों में चयनित अग्निवीर सैनिकों की सूची जारी कर दी जाएगी।