जयपुर: राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है. मिशन स्टार्ट के तहत स्मार्ट क्लास संचालन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसके तहत अब डिजिटल पढ़ाई की सख्त और नियमित ऑनलाइन निगरानी की जाएगी. इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्मार्ट क्लास केवल औपचारिकता न रहकर वास्तव में छात्रों के सीखने में सहायक बने.
नई गाइडलाइन के अनुसार, अब सभी सरकारी स्कूलों को स्मार्ट क्लास का साप्ताहिक टाइम-टेबल शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. यह टाइम-टेबल हर शुक्रवार अपडेट किया जाएगा, ताकि निदेशालय स्तर पर स्मार्ट क्लास की नियमितता और उपयोग की समीक्षा की जा सके.
डिजिटल ई-कंटेंट की होगी ऑनलाइन निगरानी
स्मार्ट क्लास में पढ़ाए जा रहे डिजिटल ई-कंटेंट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाएगी. अधिकारी यह देखेंगे कि कौन-सा कंटेंट, किस कक्षा और विषय के लिए उपयोग किया जा रहा है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि पढ़ाई पाठ्यक्रम के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण हो. जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कम है या जहां शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं, वहां शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखने के लिए ई-कंटेंट का प्रभावी उपयोग किया जाएगा. इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और पाठ्यक्रम समय पर पूरा किया जा सके.
कक्षा 9 से 12 तक डिजिटल संसाधनों से पढ़ाई
नई व्यवस्था के तहत कक्षा 9 से 12 तक हार्डडिस्क और अन्य डिजिटल संसाधनों के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी. विशेष रूप से गणित, विज्ञान और अन्य कठिन विषयों के लिए उन स्कूलों में ई-कंटेंट का उपयोग किया जाएगा, जहां विषय विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. स्मार्ट क्लास का टाइम-टेबल स्कूल की जरूरतों के अनुसार स्कूल स्तर पर तैयार किया जाएगा. पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह टाइम-टेबल स्कूल के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना अनिवार्य होगा, ताकि छात्र और अभिभावक दोनों इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें.
अधिकारी रखेंगे अपलोडेड डेटा पर नजर
निदेशालय के अधिकारी शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड किए गए टाइम-टेबल और डिजिटल कंटेंट पर नियमित निगरानी रखेंगे. लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्कूलों से जवाब भी मांगा जा सकता है. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की यह पहल सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है. इससे न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी.