योगी सरकार ने खोला खजाना, इस जिले में 35 साल बाद बनेगी न्यू टाउनशिप

मेरठ। प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के बजट भाषण से ही मेरठ की बदलती हुई तस्वीर साफ दिखाई देने लगती है जब वह यह बताते हैं कि मेरठ में 35 साल बाद सरकारी क्षेत्र की आवासीय टाउनशिप विकसित की जा रही है। इसके लिए फिर से बजट का प्रविधान किया गया है।

दरअसल, 1987 से 1990 के आसपास ही मेरठ विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद की अधिकांश कालोनियां विकसित की गईं। उसके बाद इसका क्रम थम गया। समय के साथ नई विकास परियोजनाएं मेरठ को मिलीं लेकिन टाउनशिप नहीं मिल सकी। याेगी सरकार ने कुछ साल पहले ही मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना शुरू की थी, जिसमें मेरठ को भी टाउनशिप मिली।

दिल्ली रोड किनारे मोहिउद्दीनपुर में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) द्वारा विकसित की जा रही न्यू टाउनशिप के लिए इस बजट से 450 करोड़ या उसकी आधी धनराशि मिल सकती है।

मोहिउद्दीनपुर में 294 हेक्टेयर में फेस-वन व फेस-टू के रूप में टाउनशिप विकसित करने की तैयारी चल रही है। उसी के लिए किसानों से सहमति के आधार पर जमीन खरीदी जा रही है। अब तक 150 हेक्टेयर भूमि खरीदी जा चुकी है।

शासन ने दोनों फेस के लिए कुल 1258 करोड़ रुपये देने पर सहमति दी थी। उसी के अंतर्गत 11 जनवरी 2024 को 200 करोड़,27 दिसंबर 2024 को 200 करोड़, 27 मार्च 2025 को 403 करोड़ रुपये मेडा को मिल चुके हैं। इस तरह से टाउनशिप के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 809 करोड़ रुपये मिल गए हैं। बाकी धनराशि इस बार बजट से प्राप्त होने की उम्मीद है।

प्रदेश की है पहली टीओडी टाउनशिप

मेरठ में जहां 35 साल बाद काेई नई सरकारी टाउनशिप विकसित हो रही है वहीं यह प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टीओडी टाउनशिप भी है। 294 हेक्टेयर में प्रस्तावित इस टाउनशिप में मिश्रित भूउपयोग रहेगा। टीओडी नीति व इस तरह के भूउपयोग से यह पहली ऐसी टाउनशिप होगी जिसमें शापिंग कांप्लेक्स के ऊपर आवासीय अपार्टमेंट हाेंगे।

एक ही भवन में औद्योगिक, व्यावसायिक व आवासीय आदि गतिविधियां एक साथ हो सकेंगी। अधिकांश भवन बहुमंजिला होंगे। टीओडी यानी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति। इसे देश के पहले रीजनल रैपिड रेल कारिडोर यानी नमो भारत कारिडोर पर लागू किया गया है।

इसका नीति का मतलब है अत्याधुनिक परिवहन प्रणाली से ही अधिकांश परिवहन सेवाओं को जोड़ना और रहने याेग्य शहरी सुविधाओं का विकास कारिडोर के आसपास ही करना। गौरतलब है कि इस कारिडोर के किनारे ही इस टाउनशिप का विकास किया जा रहा है।