सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया कि 22 सितंबर 2025 से गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) में बड़े बदलाव और ट्रांजिशन बेनिफिट्स लागू होंगे. इसमें कहा गया कि बिना इस्तेमाल किया गया सेस क्रेडिट, छूट वाली सप्लाई पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और नई प्राइस एडजस्टमेंट नीति लागू होगी. लेकिन, सेंट्रल बोर्ड ऑफ इंडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
CBIC ने X पोस्ट के जरिए साफ किया कि यह मैसेज पूरी तरह गलत और भ्रामक है. उन्होंने कहा, “22 सितंबर से इस तरह का कोई बदलाव लागू नहीं हो रहा है. जनता, व्यापारी और इंडस्ट्री जगत के लोग केवल सरकार की आधिकारिक वेबसाइट, नोटिफिकेशन, सर्कुलर और FAQ पर भरोसा करें. अनधिकृत मैसेज पर ध्यान न दें.”
वायरल मैसेज में दावा किया गया था कि:
बिना इस्तेमाल किए गए सेस क्रेडिट का उपयोग हो सकेगा.
छूट वाली सप्लाई पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ मिलेगा.
नई प्राइस एडजस्टमेंट नीति लागू होगी.
CBIC ने साफ किया कि इनमें से कोई भी बदलाव फिलहाल लागू नहीं हो रहा है.
आधिकारिक सूचना क्यों जरूरी?
भारत में GST नियम और सुधार समय-समय पर बदलते रहते हैं. गलत सूचना से आम लोग और व्यापारी भ्रमित हो सकते हैं, जिससे नुकसान हो सकता है. इसलिए, केवल सरकार के आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना जरूरी है.
GST में पहले से हुए सुधार
सरकार ने हाल ही में GST में बड़े सुधार किए हैं. जीएसटी की चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर केवल दो स्लैब – 5% और 18% – कर दिया गया है. 12% और 28% के स्लैब हटा दिए गए हैं. साथ ही, लग्जरी और हानिकारक सामानों (जैसे तंबाकू, सिगरेट) के लिए 40% का विशेष स्लैब बनाया गया है.