यूपी के इस जिले में ‘भालू’ बनकर खेतों में घूम रहे इंसान, अनोखा तरीका देख सब हैरान

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में किसानों ने बंदरों के आतंक से निपटने के लिए एक अनोखा और चौंकाने वाला तरीका अपनाया है। लगातार हो रहे नुकसान से परेशान किसान अब खुद ‘भालू’ बनकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं।

किसान भालू की वेशभूषा पहनकर दिनभर खेतों में घूमते हैं और उछल-कूद करते हुए बंदरों को भगाते हैं। इस अनोखी रणनीति का असर भी दिख रहा है। बंदर डरकर भाग जाते हैं और फसलों को नुकसान से बचाया जा रहा है। यही वजह है कि यह तरीका पूरे इलाके में चर्चा और हैरानी का विषय बन गया है।

लगभग 150 हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी की भी खेती की जाती है
दरअसल, संभल जिले में करीब 45 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती होती है, जिसके चलते यह क्षेत्र आलू उत्पादन के लिए दूर-दूर तक जाना जाता है। इसके अलावा यहां लगभग 150 हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी की भी खेती की जाती है।

आलू और स्ट्रॉबेरी के दुश्मन बने बंदर
किसानों का कहना है कि बंदर आलू और स्ट्रॉबेरी दोनों फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। वे न सिर्फ फसल खा जाते हैं, बल्कि उसे बर्बाद भी कर देते हैं, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।

भालू बनकर फसल की कर रहे हैं रखवाली
इस समस्या से निपटने के लिए संभल तहसील के फिरोजपुर गांव के किसान धर्मवीर ने चंदौसी से करीब 1800 रुपये में भालू की वेशभूषा खरीदी। अब वे उसी वेश में खेतों में जाकर बंदरों को डराकर भगाते हैं। इसी तरह अन्य किसान, जैसे पान सिंह, भी इस उपाय को अपना रहे हैं।

क्या कह रहे हैं वन क्षेत्राधिकारी?
वन क्षेत्राधिकारी मनोज कश्यप के अनुसार, बंदर भालू से स्वाभाविक रूप से डरते हैं, क्योंकि भालू आकार में बड़े, ताकतवर और आक्रामक होते हैं। उनकी दहाड़, गंध और व्यवहार बंदरों में भय पैदा करते हैं, जिससे वे दूरी बनाकर रखते हैं।

हालांकि, वन विभाग का मानना है कि यह तरीका अस्थायी राहत दे सकता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं है। बंदरों की समस्या से पूरी तरह निजात पाने के लिए उन्हें पकड़कर जंगलों में छोड़ना ही एक ठोस उपाय होगा, जिस पर आगे कार्रवाई की जाएगी।