वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने धमकी दी है कि अगर ईरान समझौते को तैयार नहीं होता है, तो उस पर विनाशकारी हमला किया जाएगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अगर ईरान मध्य-पूर्व में युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता स्वीकार नहीं करता है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस पर तबाही मचाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप सिर्फ धमकियां नहीं दे रहे। लेविट ने ईरान को मौजूदा हालात का गलत अंदाजा लगाने से बचने की भी सलाह दी।
अमेरिका ने ईरान को धमकाया
लेविट ने कहा, “अगर ईरान मौजूदा हालात की सच्चाई को स्वीकार करने में नाकाम रहता है, अगर वे यह समझने में नाकाम रहते हैं कि उन्हें सैन्य कार्रवाई के जरिए हरा दिया गया है और आगे भी हराया जाता रहेगा, तो राष्ट्रपति ट्रंप यह पक्का करेंगे कि उन पर अब तक का सबसे जोरदार हमला किया जाए।” उन्होंने आगे कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप सिर्फ धमकियां नहीं देते, वे तबाही मचाने को तैयार हैं। ईरान को फिर से कोई गलत अंदाजा नहीं लगाना चाहिए।”
ईरान पर जीत का दावा किया
उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ईरान की फौजी ताकत को पूरी तरह तबाह करके ही रहेगा। उन्होंने दावा किया कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद तीन हफ्तों के अंदर किसी देश की नौसेना को इस तरह पूरी तरह खत्म करने का यह सबसे बड़ा मामला है। लेविट ने यह भी दावा किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ एक जबरदस्त फौजी जीत साबित हुआ है। ईरान के खिलाफ जमीनी सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिकी सैनिकों को उतारने के बारे में बात करते हुए लेविट ने कहा कि ट्रंप कांग्रेस से मंजूरी नहीं लेंगे, क्योंकि देश इस समय ईरान में बड़े फौजी अभियानों में लगा हुआ है।
ईरान के साथ बातचीत पर अमेरिका चुप
कैरोलिना लेविट ने ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत के बारे में ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही संवेदनशील मामला है और इसमें अभी भी लगातार बदलाव आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से पेश किए गए 15-सूत्रीय प्रस्ताव में “कुछ सच्चाई” जरूर है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ रिपोर्टें “पूरी तरह से सही नहीं” हैं। लेविट ने कहा, “मैं यहाँ इस मंच से राष्ट्रपति की तरफ से कोई बातचीत नहीं करने वाली हूं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं आपको बस इतना बता सकती हूँ कि ये बातचीत अभी भी जारी है।”