रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी 1 नवंबर से पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने जा रही है। राज्य सरकार के निर्देश पर इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए डीजीपी अरुणदेव गौतम ने आदेश जारी करते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जाकर पूरे सिस्टम का अध्ययन करेगी और इसके आधार पर छत्तीसगढ़ के लिए ड्राफ्ट तैयार कर गृह विभाग को सौंपेगी।
नई प्रणाली दिल्ली, मुंबई, भोपाल और इंदौर की तर्ज पर लागू होगी। इसके बाद राजधानी की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे पुलिस कमिश्नर के पास होगी, जबकि कलेक्टर मुख्य रूप से राजस्व संबंधी कार्यों तक सीमित रह जाएंगे। ग्रामीण इलाकों की पुलिसिंग के लिए अलग से एसपी ग्रामीण की नियुक्ति की जा सकती है।
एडीजी गुप्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी में आईजी अजय यादव, आईजी अमरेश मिश्रा, आईजी ध्रुव गुप्ता, एआईजी अभिषेक मीणा, एआईजी संतोष सिंह और एसपी प्रभात कुमार शामिल हैं। वैधानिक पहलुओं के लिए लोक अभियोजन संचालनालय की संयुक्त संचालक मुकुला शर्मा को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
राजधानी में कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर का ऑफिस पुराने पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) भवन में संचालित होगा। तीन मंजिला इस भवन को शहर के बीच स्थित होने, सुरक्षित कैंपस और पर्याप्त पार्किंग सुविधा के कारण उपयुक्त माना गया है। फिलहाल इस भवन में केवल स्टेट इंटेलिजेंस का ऑफिस संचालित हो रहा है।
देश में पुलिस कमिश्नर सिस्टम की शुरुआत ब्रिटिशकाल में हुई थी। यह पहली बार 1864 में कोलकाता, 1866 में मुंबई और 1939 में चेन्नई में लागू की गई। वर्तमान में यह व्यवस्था दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद, लखनऊ, नागपुर, भोपाल और इंदौर सहित कई महानगरों में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। अब रायपुर भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है।
इस व्यवस्था में पुलिस कमिश्नर को कार्यपालिका मजिस्ट्रेट की शक्तियां भी दी जाती हैं, जिससे उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने, तुरंत कार्रवाई करने और सुरक्षा संबंधी फैसले लेने में अधिक अधिकार मिलते हैं। इससे कानून-व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित हो पाती है।
उपमुख्यमंत्री के साथ गृह विभाग भी संभाल रहे विजय शर्मा ने कहा कि राजधानी में कमिश्नर सिस्टम लागू होने की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा और पुलिसिंग और अधिक प्रभावी होगी।