लखनऊ: उत्तर प्रदेश एटीएस ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो सोशल मीडिया के जरिए इस्लाम छोड़ चुके युवाओं (एक्स-मुस्लिम) को पहचानकर उन्हें धमकाने और टारगेट करने में शामिल था। नोएडा से गिरफ्तार किए गए मेरठ निवासी तुषार उर्फ हिज्बुल्लाह और उसके साथी समीर खान पर आरोप है कि वे यूपी, एमपी, दिल्ली समेत कई राज्यों में ऐसे युवाओं की पहचान कर उन्हें धमकियां दे रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसके जरिए सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं को चिह्नित किया जा रहा था।
सोशल मीडिया से शुरू होता था टारगेटिंग नेटवर्क
एटीएस सूत्रों के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे युवाओं की तलाश करते थे जिन्होंने इस्लाम छोड़ दिया था या खुद को एक्स-मुस्लिम के रूप में पहचानते थे। इसके बाद उन्हें धमकाने और मानसिक रूप से दबाव बनाने की कोशिश की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ ऑडियो क्लिप्स में धमकी और बातचीत के सबूत मिले हैं।
विदेशी कनेक्शन और ब्रेनवॉश का शक
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के जरिए ऑपरेट किया जा रहा था, जिसमें आईएसआई की भूमिका होने की आशंका भी जताई जा रही है। आरोप है कि युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर मोड़ा जा रहा था। इस नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन बातचीत और निर्देशों के आधार पर गतिविधियां संचालित की जाती थीं।
20 से ज्यादा युवाओं के जुड़ने की आशंका
एटीएस का अनुमान है कि इस नेटवर्क से यूपी और अन्य राज्यों के 20 से ज्यादा युवा जुड़े हो सकते हैं। ये लोग सोशल मीडिया के जरिए विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे और कथित रूप से निर्देश प्राप्त कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में इन्हें कैश के रूप में भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है।
अन्य संदिग्ध संपर्कों की जांच
जांच के दौरान देहरादून से गिरफ्तार विक्रांत कश्यप से भी इन आरोपियों के संपर्क की पुष्टि हुई है। एटीएस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी है ताकि इसके पीछे की पूरी संरचना और फंडिंग का पता लगाया जा सके।