Sushila Karki News: बांग्लादेश और श्रीलंका के बाद नेपाल में भी जनविद्रोह के सामने सरकार को झुकना पड़ा है. विरोध-प्रदर्शन के बाद तत्कालीन सरकारों का तख्तापलट हुआ है. इस लिस्ट में भारत के एक और पड़ोसी देश का नाम जुड़ गया है. नेपाल में सरकार और अफसरों के भ्रष्टाचार से तंग आकर Gen Z यानी युवाओं ने विद्रोह की मशाल पकड़ ली.
युवाओं के उग्र प्रदर्शनों के असर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विद्रोह के चंद घंटों के बाद ही केपी शर्मा ओली की सरकार को पीछे हटना पड़ा. ओली को प्रधानमंत्री का पद छोड़ना पड़ा. इसके बाद नेपाली सुप्रीम कोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है. कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने सुशीला कार्की का बधाई दी है. इसमें बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस का नाम भी शामिल हो गया है. सुशीला कार्की के शपथ लेने के घंटों बाद यूनुस ने आखिरकार उन्हें बधाई दी है. ये वही मोहम्मद यूनुस हैं, जिन्होंने बांग्लादेश में हिन्दुओं के कत्लेआम पर चुप्पी साध ली थी.
दरअसल, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शनिवार को नेपाल की नव-नियुक्त प्रधानमंत्री सुशीला कार्की को बधाई दी. उन्होंने कहा कि एक अहम और चुनौतीपूर्ण समय पर उनकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा उन पर जताए गए विश्वास और भरोसे का प्रतीक है. यूनुस ने सरकार और बांग्लादेश की जनता की ओर से कार्की को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि उनके नेतृत्व में नेपाल शांति, विकास और स्थिरता की राह पर आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा, ‘एक लंबे समय से नेपाल के पड़ोसी और मित्र के रूप में हमें विश्वास है कि आपके सक्षम नेतृत्व में नेपाल और उसकी दृढ़संकल्पित जनता निरंतर प्रगति करेगी.’ हालांकि, यूनुस का देश अभी भी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है.
मित्रता और परस्पर सम्मान की बात
बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार यूनुस ने यह भी कहा कि वह नेपाल की नई प्रधानमंत्री के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच मित्रता, सहयोग और पारस्परिक सम्मान के गहरे रिश्तों को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम करने के लिए उत्सुक हैं. यूनुस ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में जान गंवाने वालों पर शोक प्रकट किया. उन्होंने कहा, ‘हम हाल की राजनीतिक उथल-पुथल में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.’
गौरतलब है कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की शुक्रवार रात नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. उन्हें अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपा गया है, जिससे देश में दिनों से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता खत्म हुई.