हिमाचल बोर्ड 10वीं परीक्षा में बड़ा घोटाला, फॉरेंसिक जांच में उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ की पुष्टि, छात्रों को मिलेंगे अतिरिक्त अंक

नई दिल्ली : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्च 2025 में आयोजित मैट्रिक (कक्षा 10) परीक्षा में बड़ी अनियमितता सामने आई है। फॉरेंसिक जांच में उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि होने के बाद बोर्ड ने मामले का सख्त संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रभावित छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

जंडूत्ता परीक्षा केंद्र पर सामने आया मामला

बोर्ड अध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि कथित गड़बड़ी बिलासपुर जिले के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जंडूत्ता परीक्षा केंद्र पर हुई। इस केंद्र पर कुल 40 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें गवर्नमेंट हाई स्कूल, जियोरा के 11 छात्र भी शामिल थे। मामला तब सामने आया जब आर्ट्स स्ट्रीम के सब आर्ट-ए विषय की परीक्षा देने वाले नौ छात्रों ने बोर्ड को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के MCQ सेक्शन में छेड़छाड़ की गई है।

छात्रों की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

शिकायत मिलने के बाद छात्रों को अक्टूबर 2026 में बोर्ड मुख्यालय बुलाया गया, जहां विषय विशेषज्ञों की मौजूदगी में उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं को धर्मशाला स्थित रीजनल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (RFSL) भेजा गया। फॉरेंसिक रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ की पुष्टि हुई।

“Tamper-proof” लिफाफों में भी मिली गड़बड़ी

बोर्ड द्वारा गठित विशेष समिति की जांच के दौरान एक और गंभीर अनियमितता सामने आई। जांच में पाया गया कि उत्तर पुस्तिकाओं को रखने वाले “tamper-proof” लिफाफों के सीरियल नंबर पैकिंग मेमो में दर्ज नंबरों से मेल नहीं खा रहे थे। इससे यह आशंका जताई गई कि उत्तर पुस्तिकाओं वाले लिफाफों की अदला-बदली परीक्षा केंद्र या बाद की प्रक्रिया के दौरान की गई हो सकती है।

छात्रों को नहीं होगा नुकसान

बोर्ड ने साफ किया कि इस मामले में छात्रों की कोई गलती नहीं है और उनके भविष्य को सुरक्षित रखना बोर्ड की प्राथमिकता है। समिति की सिफारिशों के आधार पर बोर्ड ने प्रभावित प्रश्नों के लिए छात्रों को क्षतिपूर्ति अंक देने का फैसला किया है, ताकि उनके रिजल्ट और आगे की पढ़ाई पर किसी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े।

शिक्षा विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट

बोर्ड ने बताया कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और जांच रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को भेज दिए गए हैं। अब विभागीय स्तर पर इस पूरे मामले की विस्तृत जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना है।