मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के थाना सिखेड़ा क्षेत्र के भिक्की गांव में बुधवार को एक ही परिवार से जुड़े आधा दर्जन से अधिक घरों की दीवारों पर यह मकान बिकाऊ है लिख दिया गया। परिवारों का आरोप है कि गांव के ही एक भाजपा नेता और उसके समर्थकों के दबाव से परेशान होकर अब उन्हें पलायन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। बकरीद से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।
1 मई से शुरू हुआ था विवाद
इस विवाद की शुरुआत 1 मई को गांव की एक गली में मोटरसाइकिल निकालने को लेकर हुई थी। गांव के मुजाहिद अली और गुलाब पक्ष के बीच कहासुनी इतनी बढ़ी कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए थे। पुलिस ने दोनों ओर से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। इसी मामले में गुलाब पक्ष के छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मुजफ्फरनगर
घरों पर लिखा- मकान बिकाऊ है
अब गुलाब पक्ष के परिवारों का आरोप है कि पुलिस केवल एकतरफा कार्रवाई कर रही है। उनका कहना है कि दूसरे पक्ष का एक सदस्य भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा में पूर्व मंडल अध्यक्ष रह चुका है, जिसके प्रभाव में पुलिस लगातार उनके परिवारों को निशाना बना रही है। इसी से तंग आकर उन्होंने गांव छोड़ने की चेतावनी देते हुए अपने घरों पर मकान बिकाऊ है लिख दिया।
कई लोग फरार
कई घरों पर लिखा ‘मकान बिकाऊ है’
पीड़ित महिला नफीसा ने कहा कि उनके परिवार के पुरुष जेल में हैं और बाकी लोग फरार चल रहे हैं। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस बार उनका परिवार बकरीद भी नहीं मना पाएगा। नफीसा ने भावुक होते हुए कहा कि वह विधवा हैं और बच्चों के सहारे ही जीवन चल रहा है, लेकिन अब उन्हें गांव में सुरक्षा महसूस नहीं हो रही। वहीं, दिलशाद नामक बुजुर्ग ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वे लोग धोबी समाज से हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हैं, जबकि दूसरा पक्ष रसूखदार है। उनका कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और उल्टा उनके ही परिवार के लोगों को जेल भेज दिया गया।
307 समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज
हालांकि पुलिस ने पलायन के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि यह मामला दो पक्षों के बीच मारपीट का है, जिसमें दोनों तरफ के लोगों को चोटें आई थीं। गंभीर चोटों और हेड इंजरी के आधार पर 307 समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है और बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। सीओ के मुताबिक कार्रवाई से बचने के लिए ही पलायन जैसी बातें कही जा रही हैं। फिलहाल दोनों पक्षों को थाने बुलाकर काउंसलिंग कराई जा रही है और मामले के समाधान का प्रयास किया जा रहा है।