बिहार में 2 दारोगा समेत 5 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, SP ने किया लाइन हाजिर; कस्टडी से भागे युवक की हुई थी मौत

खगड़िया। पुलिस अभिरक्षा से भागे युवक सबलपुर के सौरव कुमार की मालती धार (तालाब) में डूबने से हुई मौत और उसके बाद शव के साथ आक्रोशित लोगों का मोरकाही थाना पर बवाल मामले में एसपी राकेश कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के आरोप में आरंभिक तौर पर एसपी द्वारा दो दारोगा समेत पांच पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर का आदेश दिया गया है। कार्रवाई की जद में आए पुलिस अधिकारियों व कर्मियों की लापरवाही मामले में गहन जांच की जा रही है।

पांच पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
जांच पूरी होने के बाद और मजबूत कार्रवाई हो सकती है। एसपी ने बताया कि मोरकाही थाना अंतर्गत घटित घटना में कार्य में लापरवाही को लेकर पांच पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। दारोगा अगमलाल पांडेय, रामकुमार पासवान, सिपाही अंकित कुमार, मनोज कुमार पासवान व चौकीदार अशोक पासवान पर कार्रवाई की गई हैं।

2 दर्जन से अधिक पर केस
इधर, थाना पर बवाल काटने के मामले में पुलिस द्वारा दो दर्जन लोगों को चिह्नित कर केस दर्ज करने की प्रकिया अपनाई जा रही है। सीसीटीवी, इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो, तस्वीर आदि से सत्यापन किए जा रहे हैं। पुलिस का हर संभव प्रयास है कि निर्दोष फंसे नहीं और दोषी बख्शे नहीं जाए। मालूम हो कि पुलिस पर हमले मामले के आरोपित सबलपुर के सौरव कुमार समेत दो को पुलिस ने बीते 29 मई की रात्रि गिरफ्तार किया था। सौरव (पिता-शत्रुघ्न कुमार) पुलिस अभिरक्षा से भागने में सफल रहा।

डूबने से हुई थी मौत
बताया जाता है कि पुलिस से बचने के लिए उसने समीप के मालती धार में छलांग लगा दी। जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद लोग आक्रोशित हो उठे। पुलिस पर आरोप लगाते हुए लोगों ने रात में ही थाना का घेराव कर दिया। चर्चा तब अधिक होने लगी जब थानाध्यक्ष अंतिमा कुमारी ने आत्मरक्षार्थ सरकारी पिस्टल लहराई। हालांकि, थानाध्यक्ष का कहना हुआ भीड़ अनियंत्रित हो गई थी। हाजत में एक और पुलिस पर हमला का बंदी बंद था।

हुजूम में महिलाओं की संख्या अधिक थी। लोग रात में थाना में प्रवेश कर गए। ऐसे में आत्मरक्षार्थ पिस्टल दिखाकर भीड़ को नियंत्रित करना कहां अपराध है? बहरहाल, मामले में लापरवाही पर दो दारोगा समेत पांच पुलिस कर्मी कार्रवाई की जद में आए हैं।