यूपी में फिर भीगने को रहिए तैयार! लखनऊ समेत 30 जिलों में होगी बेतहाशा बारिश

UP Weather Update: यूपी में एक बार फिर भारी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है. कहा जा रहा है कि तीन दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है. जिससे मौसम सुहाना हो जाएगा. ऐसे में 17 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी यूपी में गरज-चमक के साथ बारिश व बौछारें पड़ सकती है.

IMD की भविष्यवाणी
मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार को पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं बादल गरजने और बिजली चमकने की उम्मीद है. ऐसी भविष्यवाणी मौसम विभाग ने जारी कर दी है.

कहां होगी भारी से भारी बारिश?
जिन जिलों में बुधवार को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, उनमें बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, संतरविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर और उसके आसपास के इलाके हैं.

यहां होगी भारी बारिश
जिन जिलों में आज भारी बारिश हो सकती है, उनमें बलिया, आजमगढ़, मऊ, संतकबीर नगर, बस्ती, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, अंबेडकर नगर और उसके आसपास के इलाके हैं. इसके साथ ही बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज समेत कई जिलों में बादल गरजने व बिजली चमकने के आसार हैं.

बंगाल की खाड़ी में हलचल
मौसम विभाग के मुताबिक, अनुकूल सिनॉष्टिक एवं भूभौतिकीय परिस्थितियों के प्रभाव से निचले क्षोभमंडल में बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी का पश्चिमी हवाओं के साथ टकराव देखा जा रहा है. इसकी वजह से पूर्वी यूपी और मध्यवर्ती हिस्सों में प्रादेशिक बारिश में इजाफा हुआ है.

क्या बोला मौसम विभाग?
मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले 3-4 दिनों तक तराई, पूर्वांचल और मध्यांचल के जिलों में मेघगर्जन, मध्यम बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है.जबकि, प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में यह गतिविधि छिटपुट बारिश तक ही सीमित रहने की उम्मीद है.

पश्चिमी राजस्थान से वापसी
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने इस साल 17 सितंबर की सामान्य तारीख से तीन दिन पहले ही, यानी 14 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से वापसी की शुरुआत की थी. 16 सितंबर को मॉनसून राजस्थान के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों से भी लौट गया है.

मॉनसून वापसी की अक्ष रेखा
मौजूदा वक्त में मॉनसून वापसी की अक्ष रेखा भटिंडा, फतेहाबाद, पिलानी, अजमेर, दीसा, भुज से होकर गुजर रही है. प्रदेश के मध्योत्तर हिस्सों में निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती परिसंचरण एक्टिव है. पूर्वी विदर्भ इलाके के पास बना चक्रवाती परिसंचरण अब मध्य क्षोभमंडल तक विस्तृत हो गया है.

बारिश की गतिविधियों में इजाफा
मौसम विभाग का कहना है कि इसके अलावा पूर्वी बिहार के पास बना एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण निचले क्षोभमंडल में पूर्वी झारखंड की ओर केंद्रित हो गया है. इस प्रणाली से एक द्रोणी पूर्वी बांग्लादेश तक फैली हुई है, जिससे बारिश की गतिविधियों में इजाफा हुआ है.