लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिलापट्टों में नाम को लेकर गरमाते विवाद को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। दरअसल, विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण के दौरान शिलालेख पट्टिकाओं को लगाने की योजना है। शिलापट्ट पर जनप्रतिनिधियों के नाम और उनके फॉन्ट साइज को लेकर अब एकरूपता लागू की जाएगी। नगर विकास विभाग की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि जिला स्तर पर शिलापट्ट पर नाम अंकित करने में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। विभाग ने साफ कहा है कि किसी भी जनप्रतिनिधि के नाम को छोटा या बड़ा दिखाने की मनमानी नहीं की जाए। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस मामले में किसी प्रकार के विवाद में न पड़ने को लेकर आदेश जारी किया है।
नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, नगर आयुक्तों, नगर निकायों और संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार सांसद, क्षेत्रीय राज्यसभा सदस्य, महापौर, क्षेत्रीय विधायक, नामित नोडल सदस्य विधान परिषद, नगरपालिका अध्यक्ष और पंचायत अध्यक्ष के नाम समान फॉन्ट साइज में अंकित होंगे। सभी जनप्रतिनिधियों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उचित स्थान दिया जाएगा।
सामने आए थे विवाद
यूपी सरकार के समक्ष शिलापट पर नामों के आकार और प्रस्तुति को लेकर लगातार शिकायतें आ रही थी। जनप्रतिनिधियों के नाम कई स्थानों पर शिलापट्ट पर न लिखे जाने का मामला सामने आया था। कई स्थानों से शिकायत आई है कि जनप्रतिनिधियों के नाम शिलापट्ट पर बड़े-छोटे फॉन्ट में लिखे गए। इसके बाद नगर विकास विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। सभी संबंधित विभागों को इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में भी उठा था मुद्दा
जिलों में आयोजित दिशा समिति की बैठक में शिलापट्ट का मुद्दा जोर-शोर से उठा था। सपा सांसद रुचि वीरा की ओर से दिशा समिति की बैठक में आरोप लगाया था कि विकास कार्यों की शिलापट्टिकाओं पर उनका नाम अंकित नहीं किया जा रहा है। बैठक के दौरान उठे मुद्दों पर अब सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर इसके पालन को अनिवार्य किया गया है। प्रोटोकॉल का उल्लंघन या मनमानी के मामलों पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की बात कही गई है।
सरकार की ओर से जारी निर्देश के तहत विकास योजनाओं से संबंधित शिलापट्ट पर क्षेत्र के सांसद, राज्यसभा सदस्य, मेयर, विधायक, नामित एमएलसी, नगर पालिका अध्यक्ष और पंचायत अध्यक्ष के नाम अंकित होंगे। ये सभी नाम एक समान फॉन्ट साइज में लिखे जाएंगे।