चंडीगढ़. हरियाणा में बारिश और तूफान खूब कहर ढा रही है. तूफान से काफ नुकसान हो रहा है. हालांकि, बारिश गर्मी से राहत दिला रही है. दो दिन तक मौसम साफ रहने के बाद सोमवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ले ली. प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई, जबकि हांसी में हल्की बारिश के साथ ओले भी गिरे. भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में करीब 100 मीटर ऊंचा धूल का बवंडर दिखाई दिया. सोमवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ले ली. प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई.
हांसी में सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दीवार गिरने से पिता की मौत हो गई, जबकि उनका 12 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया. मृतक की पहचान भाटिया कॉलोनी निवासी करीब 40 वर्षीय सोनू जांगड़ा और घायल की अभय के रूप में हुई.
जानकारी के अनुसार, सोनू जांगड़ा त्रिकोणा पार्क के पास सब्जी-रोटी की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. सोमवार दोपहर तेज तूफान के समय, जिस पुरानी दीवार के सहारे उन्होंने अपनी रेहड़ी लगाई हुई थी, वह अचानक ढह गई. दीवार की चपेट में आने से सोनू और उनके बेटे अभय को गंभीर चोटें आईं. आसपास के लोगों ने तुरंत दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया. सोनू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हिसार के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घायल अभय का उपचार जारी है.
मृतक सोनू का शव सोमवार शाम को हांसी के सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया. मृतक के भाई ने बताया कि सोनू अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे. उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं, जिनमें घायल अभय बड़ा बेटा है, जबकि छोटा बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है.
घटना की सूचना मिलने पर वार्ड-27 के पार्षद देवेंद्र मुवाल अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी. उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की. भाजपा नेता रमेश ने भी परिवार को मुआवजा और हरसंभव सरकारी मदद उपलब्ध कराने की मांग उठाई है.
इस दौरान सामान्य अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर भी सामने आई. जब परिजन सोनू जांगड़ा के शव को अस्पताल के शवगृह तक लेकर पहुंचे तो रास्ते में जलभराव होने के कारण उन्हें पानी से होकर गुजरना पड़ा. बारिश के बाद अस्पताल परिसर और शवगृह के आसपास पानी जमा होने से परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. वहीं अस्पताल परिसर के बाहर फैले अंधेरे ने भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए.
यमुनानगर में सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया. तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश ने कुछ ही देर में पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया. आसमान में काले बादल छा गए और दिन के समय ही अंधेरे जैसे हालात बन गए. बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली. पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मौसम के इस बदलाव ने काफी राहत पहुंचाई. हालांकि तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा, लेकिन ज्यादातर लोग बारिश का आनंद लेते नजर आए.
हिसार, सिरसा, भिवानी, रोहतक, नारनौल, रेवाड़ी, सोनीपत, फतेहाबाद और पानीपत में तेज आंधी-तूफान चला. वहीं सोनीपत, फतेहाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हांसी, रेवाड़ी, झज्जर और सिरसा में बारिश दर्ज की गई. गुरुग्राम में बारिश के कारण कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ. मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में मौसम साफ रहने के कारण प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके बावजूद तापमान अभी भी सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है. विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है. ऐसे में बारिश और आंधी के बीच गर्मी का असर भी धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है.